बागपत। छपरौली थाना क्षेत्र के एक गांव में सवा दो साल पूर्व महिला से दुष्कर्म करने वाले युवक और सहयोग करने व उकसाने वाली चाची को कोर्ट ने दोषी मानते हुए सात-सात साल कारावास की सजा सुनाई है। उन पर 5-5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
गांव के युवक ने छपरौली थाने में दी तहरीर में बताया था कि वह 3 जुलाई 2014 को गाड़ी ठीक कराने के लिए छपरौली गया था। वहां से गाड़ी का सामान लेने दिल्ली चला गया। उसे मोबाइल पर पत्नी के साथ दुष्कर्म की सूचना मिली तो घर पहुंचा। पत्नी ने बताया कि 11:30 बजे संगीता पत्नी महिपाल जरूरी काम का बहाना कर साथ में अपने घर ले गई थी। वहां आदेश पुत्र सोहनपाल मिला। संगीता और आदेश ने उसे कमरे में खींच लिया। संगीता ने बाहर निकलकर दरवाजे बंद कर दिए। सोहनपाल ने उससे दुष्कर्म किया। बाद में उसने किसी को कुछ बताने पर तलवार दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। आदेश ने उसकी पिटाई भी की। वादी के अधिवक्ता अमित चौधरी के मुताबिक, आदेश और उसकी दूर के रिश्ते की चाची संगीता के खिलाफ छपरौली थाने में (376, 109, 506 आईपीसी) रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
एडीजीसी अनुज ढाका ने बताया कि केस एडीजे (फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम) डॉक्टर मनु कालिया की कोर्ट में था। कोर्ट ने सात लोगों की गवाही के आधार पर आदेश को दुष्कर्म और संगीता को उकसाने और सहयोग करने का दोषी मानते हुए सात-सात साल के कारावास की सजा सुनाई। 5-5 हजार रुपये का अर्थदंड जमा न करने पर छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।