बागपत के पुरानी तहसील में हैडपंप से पानी भरते लोग
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बागपत। हिंडन और कृष्णा के दूषित पानी से जहां लोग कैंसर के शिकार हो रहे हैं, वहीं शहर के छोटे से मोहल्ले पुरानी तहसील में भी इसका प्रकोप है। डेढ़ साल के भीतर चार लोग कैंसर से जान गंवा चुके हैं। मोहल्ले के लोगों में इसे लेकर भय का माहौल है। कॉलोनी का पानी पीने योग्य नहीं है। प्रशासन की ओर से पानी की कोई जांच नहीं कराई गई है।
शहर के पुरानी तहसील मोहल्ले के धर्मपाल सिंह, शिक्षा देवी, नानू और विमल प्रसाद की डेढ़ वर्ष के भीतर मौत हो चुकी है। कैंसर से हुई मौत से कालोनी में दहशत है। पुरानी तहसील मोहल्ला निवासी बिमला ने बताया कि हैंडपंप का पानी खराब है। नगर पालिका से पानी की सप्लाई से ही काम चलता है। हैंडपंप से गंदगी निकलती है, जिसमें बदबू आती है। उर्मिला बताती है कि हैंडपंप का पानी दूषित है। मोहल्ले के लोग यमुना इंटर कॉलेज के छात्रों को पानी पीने से हर रोज रोकते हैं। कई लोगों ने घरों में आरओ लगवा रखे हैं।
रामकिशन ने बताया कि हैंडपंप के पानी को केवल पशुओं के नहलाने में इस्तेमाल कर रहे हैं। इसकी हालत यह है कि कुछ घंटे रख दिया जाए तो रंग पीला पड़ने लगता है। अनिल ने बताया कि कालोनी के हैंडपंप के पानी के सेवन से बीमारियां बढ़ गई हैं। कालोनी में गंभीर रोग पैर पसार रहे है। ईओ ललित कुमार आर्य ने कहा कि यह मामला संज्ञान में नहीं था। जल्द पानी की जांच कराई जाएगी। जांच में पानी दूषित मिला तो हैंडपंपों को उखड़वाया जाएगा।
एसडीएम बागपत मनोज कुमार सिंह ने कहा कि पानी दूषित है तो नगर पालिका से इसकी जांच कराई जाएगी। कैंसर से लोगों की मौत होने का मामला संज्ञान में नहीं था।