बागपत जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर बड़ौत ब्लाक का अशरफाबाद थल गांव अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। कृष्ण नदी के तट पर बसे इस गांव को बीमारियों की सौगात मुफ्त में मिल रही है। अमृत कहे जाने वाला पानी विष बनकर जीव और जंतुओं को अकाल मौत दे रहा है। आलम यह है कि दूषित पानी के सेवन से गर्भवती महिला को होने वाला बच्चा भयंकर बीमारी लेकर पैदा हो रहा है, फिलहाल दर्जनों बच्चे कैंसर जैसी भयंकर बीमारी से जूझने को विवश है।
बागपत जनपद का सबसे खुशहाल क्षेत्र कहा जाने वाला चौगामा क्षेत्र का अशरफाबाद थल गांव कृष्ण और हिंडन नदी के बीच फंसकर जीवन की डोर बचाने को छटपटा रहा है। कृष्णा नदी के प्रदूषित पानी के चलते गांव में लगे हैंडपंप जहरीला पानी उगल रहा है। इस कारण लोग कैंसर, लकवा, अपंगता, चर्म रोग, खांसी, सांस से संबंधित बीमारी, दमा, बुखार, पेट रोगी आदि बीमारी से जूझ रहे हैं। हाल ही में जल निगम के अफसरों ने गांव में लगे करीबन 30 हैंडपंपों को लाल रंग से पेंट कर बंद करा दिया है और उन्हें उखाड़ने के आदेश दिए हैं, क्योंकि नदी का दूषित पानी हैंडपंप के जरिये लोगों के घरों तक पहुंच रहा है। अब तक गांव मेें सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है और अभी भी प्रदूषित पानी काल बनकर कहर बरपा रहा है। अपंगता इस कदर बढ़ चुकी है कि बचपन से लेकर बुढ़ापे तक हर कोई इसकी मार झेल रहे हैं।
आलम यह है कि गभर्वती जिस बच्चे को जन्म देती है वह भयंकर बीमारी लेकर पैदा हो रहा है। फिलहाल भी गांव में दर्जनों बच्चें कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से जूझ रहे हैं। गांव निवासी महबूब का 13 वर्षीय बच्चा मेहराब पिछले आठ साल से कैंसर से पीड़ित है, वहीं अमरून पुत्री मिस बाहुद्दीन की 11 वर्षीय बच्ची 2014 से कैंसर की चपेट में है। महबूब की 18 वर्षीय बेटी इसराना सांस की मरीज है। गांव की आबिदा उम्र 30 वर्ष, सुबेद्दीन उम्र 85 वर्ष, नवाब, शकील, मेहरबान, जमील, उस्मान, छोटू, रुकसाना, इमराना, मोमीना, शब्बीर सहित दर्जनों बच्चे, महिलाएं और वृद्ध चर्म रोग, खांसी, सांस से संबंधित बीमारी, दमा, बुखार, पेट रोगी आदि बीमारी से ग्रस्त है।
गांव की शकीला ने छह माह पूर्व बच्चे को जन्म दिया। जो विकलांग और मद बुद्धि पैदा हुआ। दूषित पानी के चलते गांव की आने वाले नस्ल भी खत्म हो रही है। इस संबंध मेें ग्राम प्रधान जुल्फकार ने बताया पूरे गांव के लोग गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। निस्तारण के लिए डीएम से लेकर सीएम तक शिकायत की, लेकिन कोई निस्तारण नहीं हुआ। इस संबंध में बड़ौत सीएचसी अधीक्षक डॉ. मुकेश उपाध्याय ने कहा गांव में समय-समय पर स्वास्थ्य कैंप लगाएं जाते हैं। एसडीएम दीपाली कौशक ने कहा जल्द ही गांव में निरीक्षण किया जाएगा और जो भी समस्या होगी, उसका निस्तारण किया जाएगा।