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Baghpat News: महर्षि दयानन्द सरस्वती का 140वां निर्वाण दिवस मनाया

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फोटो संख्या 7
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बड़ौत। महर्षि दयानंद सरस्वती के 140वें निर्वाण दिवस पर रेलवे रोड स्थित आर्य समाज प्रवचन हॉल व बावली चौक स्थित आर्य समाज पट्टी चौधरान कार्यालय में यज्ञों का आयोजन कर महर्षि दयानंद सरस्वती को स्मरण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
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इस अवसर पर प्रीतम सिंह आर्य ने कहा कि महर्षि दयाननन्द सरस्वती क्षमाशील, दयालु प्रवृत्ति के ऋषि थे। संवत् 1940 में उन्होंने जोधपुर में अपने प्रवास के दौरान चरित्रहीन महिला मुन्नी बाई के प्रति कुछ कटु सत्य वचनों का प्रयोग जनहित में किया था। मुन्नीबाई ने ऋषि से बदला लेने के उद्देश्य से उनके विश्वासपात्र रसोइये जगन्नाथ को प्रलोभन देकर विषयुक्त दुग्ध का पान करा दिया था। जगन्नाथ ने स्वामी के समक्ष अपना अपराध भी स्वीकार किया था। इसके बावजूद भी स्वामी ने उन्हें एक शब्द भी नहीं कहा। बताया कि स्वामी ने आर्य समाज का गठन कर 10 नियम बनाकर अपने शब्द अधिकार जन समुदाय को सौंप दिए थे। उन्होंने अपना कोई उत्तरधारी नियुक्त नहीं किया था। हम सब आर्यजनों को ऋषि के छोड़े गए कार्य को पूर्ण करना चाहिए। रेलवे रोड स्थित आर्य समाज बड़ौत द्वारा आयोजित यज्ञ के ब्राह्म प्रीतम सिंह आर्य व यजमान तेजेंद्र चौहान रहे। इसी प्रकार पट्टी चौधरान कार्यालय में आयोजित यज्ञ के ब्रह्मा जसवीर मलिक, ओमप्रकाश रहे। दोनों यज्ञों में डॉ़ ओमवीर सिंह आर्य, हरवीर सिंह, डॉ़ हरपाल सिंह, रामबली राणा, कृष्णपाल, मयंक, सुरेंद्र पाल आर्य, रणतेज, राजकुमार आर्य, ओमपाल राठी, श्योराज मलिक, पंकज आर्य, राममेहर सिंह, सुनीता देवी शामिल रहे।
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