हिलवाड़ी गांव के बाद सोमवार की तड़के बड़का गांव में ग्रामीणों को तेंदुए जैसा जानवर दिखाई दिया तो उनमें दहशत फैल गई। खेतों में काम कर रहे लोग चिल्लाते हुए गांव की तरफ दौड़ पड़े। बाद में जब लाठी-डंडे और धारदार हथियार लेकर काफी संख्या में ग्रामीण तेंदुए की तलाश में जंगल में पहुंचे तो उन्हें कुछ नहीं मिला।
उन्होंने वन अफसरों को तेंदुआ होने की सूचना दी। आरोप है कि सूचना के घंटों बाद भी वन अधिकारी गांव में नही पहुंचे। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने वन अफसरों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों का कहना था कि गत दो सप्ताह से क्षेत्र में एक तरफ जहां शिकारी वन्य जीवों का शिकार कर रहे हैं। वहीं, तेंदुए जैसे खतरनाक जानवर दहशत फैला रहे हैं। लेकिन वन अधिकारी मूकदर्शक बने हैं। उधर, हिलवाड़ी गांव में भी तेंदुए की दहशत से ग्रामीण भयभीत है। खेतों में जाने से लेकर घर के कामकाज तक में लोग सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
ग्रामीणों ने आशंका जताई कि बछड़ों का शिकार करने के बाद तेंदुआ और भी खूंखार हो गया है। यदि जल्द ही तेंदुए को नहीं पकड़ा गया तो वह गांव में अन्य को भी शिकार बना देगा। उन्होंने गांव में दिन व रात के समय वन विभाग के अफसरों द्वारा गश्त बढ़ाएं जाने की मांग उठायी।
उधर, वन क्षेत्राधिकारी राजपाल सिंह ने कहा कि गांव में वनकर्मियों की टीम गठित कर दी गई है। हालांकि अभी तक क्षेत्र में तेंदुए के होने की पुष्टि नहीं हुई है।