बड़ौत। स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांव व कस्बों में बनाए गए सार्वजनिक शौचालयों की हालत खराब है। अधिकांश पर ताले लटके हुए हैं या उनमें पानी की कोई सुविधा नहीं है। अधिकारी सफाई के हजार दावे कर रहे हैं, मगर हकीकत कोसो दूर है। शौचालय के पास गंदगी भी लगी हुई है।
जिले को ओडीएफ घोषित किया जा चुका है। अब लगातार अधिकारी गांव व देहात में बने शौचालय का इस्तेमाल करने के लिए ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हैं, लेकिन जिन शौचालय का इस्तेमाल करने के लिए ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है, उनमें से ज्यादातर सार्वजनिक शौचालय पर ताला लटका हुआ है। टैंक भी टूटे हैं और शौचालय के आसपास गंदगी की भरमार है। ज्यादातर शौचालयों में पानी, साबुन से लेकर सफाई तक की उचित व्यवस्था नहीं है। बड़ौत तहसील में लाखों रुपये खर्च करके लोगों की सुविधा के लिए सार्वजनिक शौचालय बनाया गया था, लेकिन ताला लटका रहता है। लोगों ने तहसील अधिकारियों से कई बार शौचालय बंद रहने की शिकायत की, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ है। पिचौकरा गांव में बनाया गया सार्वजनिक शौचालय पर भी ताला रहता है। कभी ताला खुलता है तो गंदगी की भरमार रहती हैं। मजबूरी में लोग खुले में शौच करने को मजबूर होते हैं। शौचालय नहीं खुलने से ग्रामीणों में रोष है।
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