बागपत में शिक्षामित्रों ने हक के लिए आंदोलन को तेज करने का ऐलान किया है। मंगलवार को शिक्षामित्रों ने विद्यालयों में तालाबंदी कर शिक्षण कार्य नहीं किया। प्रदर्शनकारियों ने विरोध स्वरूप जुलूस निकाल कई स्थानों पर धरना-प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी का इजहार किया। इसके बाद, बीआरसी में हुई बैठक में शिक्षामित्रों ने आंदोलन के लिए रणनीति बनाई।
समायोजन रद्द होने से आहत शिक्षामित्रों ने मंगलवार को शिक्षण कार्य का बहिष्कार कर विद्यालयों में तालाबंदी कर जुलूस निकाला। शिक्षामित्रों ने क्षेत्र के मेहनवा गांव के प्राथमिक विद्यालय में तालाबंदी कर जुलूस के रूप में अग्रवाल मंडी टटीरी के अलावा पिलाना, खेकड़ा, छपरौली सहित जिले के विद्यालयों में तालाबंदी कर धरना-प्रदर्शन किया।
इसके उपरांत, बीआरसी में हुई बैठक में बुधवार को आंदोलन के लिए रणनीति बनाई गई। बैठक में कल जिले के सभी प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण कार्य का बहिष्कार कर राष्ट्र वंदना चौक पर मानव श्रृंखला बनाकर धरना-प्रदर्शन करने तथा आंदोलन को प्रतिदिन और तेज करने का निर्णय लिया गया।
इस मौके पर राजेश पंवार, बिजेंद्र भाटी, अंकुर, देवेंद्र, राहुल, सचिन शर्मा, सुमित, गौरव वर्मा, रीना, सुरेश, पंकज, अंजु, पवन, विपिन, अंकित आदि मौजूद रहे।
शिक्षकों ने बच्चों को पढ़ाया
बागपत। शिक्षामित्रों द्वारा शिक्षण कार्य का विरोध करने पर मंगलवार को सभी विद्यालयों में सहायक अध्यापकों ने स्वयं ही शिक्षण कार्य कराया। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राकेश यादव ने बताया कि विद्यालयों में पूर्व की भांति शिक्षण कार्य कराया गया है।
सभी पदाधिकारियों को विद्यालय बंद नहीं करने तथा शिक्षण कार्य कराने के लिए कहा गया था। जिलामंत्री राजकुमार शर्मा ने बताया कि मंगलवार को शिक्षामित्र प्राथमिक विद्यालय में तालाबंदी करने के लिए आए थे। विद्यालय को बंद भी कर दिया था, मगर बाद में शिक्षण कार्य कराया गया। बच्चों को ड्रेस भी वितरित की गई।