लापरवाही का आरोप, प्राथमिकी की मांग
ग्रामीणों का आरोप है कि शटडाउन लेने के बावजूद बिजली आपूर्ति चालू कर दी गई, जिसके चलते हादसा हुआ। किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनु मलिक और भाकियू नेता हिम्मत सिंह भी मौके पर पहुंचे। सीओ रोहन चौरसिया ने कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद लोग शांत हुए।
पत्नी को नौकरी और 20 लाख मुआवजे की मांग
ग्रामीणों ने तीन प्रमुख मांगें रखीं । एसएसओ और जेई के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए, मृतक की पत्नी पिंकी को ऊर्जा निगम में नौकरी दी जाए,
और परिवार को 20 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए।
ऊर्जा निगम कर्मी भीड़ देखकर भागे
ग्रामीणों का आरोप है कि भीड़ बढ़ते ही ऊर्जा निगम के अफसर और कर्मचारी मौके से भाग गए। केवल जेई संदीप कुमार ही वहीं रह गए, जिन्हें लोगों ने पकड़ लिया। बाद में जेई ने खेकड़ा कोतवाली में तहरीर देकर मारपीट की शिकायत दर्ज कराई।
दो बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
सोनू के परिवार में पत्नी पिंकी, एक बेटा और एक बेटी हैं। करंट हादसे ने दो मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया छीन लिया। गांव में शोक की लहर है।
एसपी सूरज कुमार राय ने बताया कि शिकायत के आधार पर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। शटडाउन के समय कौन मौजूद था और किसकी लापरवाही से लाइन चालू हुई, इसकी जांच के बाद कार्रवाई होगी।