बागपत के निरपुड़ा के जंगल में पड़े मिले तेंदुए की मौत छाती में अंदरूनी चोटें के लगने से बुधवार दोपहर में हो गई थी। दो साल के मादा तेंदुए के शरीर पर नुकीले हथियार का भी एक घाव मिला है। इंटरनल हेमरेज से शरीर के अंदर अधिक खून बहकर थक्के जमने से मौत हुई। हमला किसने किया, वन विभाग इसकी जांच में जुटा है। विभाग की टीम ने गांव के जंगल में छानबीन की गई।
बुधवार रात निरपुड़ा गांव में टीकरी मार्ग पर किसान जसवंत सिंह के खेत में दो साल के मादा तेंदुए का शव पड़ा मिला था। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजपाल सिंह ने बताया कि तेंदुए के पोस्टमार्टम के लिए डिप्टी सीवीओ डॉ खुशीराम, डॉ रोहित सिंह और डॉ अक्षय बालियान की तीन सदस्यीय टीम गठित की गई।
संतनगर वन क्षेत्र में तेंदुए का पोस्टमार्टम किया गया। शरीर पर एक घाव मिला है। यह घाव नुकीले हथियार का हो सकता है। लेकिन मौत का कारण छाती में अंदरूनी चोट लगकर शरीर के अंदर अधिक खून बहना है। मादा तेंदुए के शरीर में खून के थक्के जमे मिले हैं। रिपोर्ट वन विभाग के अधिकारियों को भेजी जाएगी।
रेंजर ओम सिंह एवं वन दरोगा रविकांत चौधरी ने बताया कि पुलिस चौकी में तेंदुए के शव मिलने की सूचना विभाग की ओर से दे दी गई थी। अंदरूनी चोट कैसे लगी, इस पर विभाग जांच कर रहा है। डीएफओ मनीष मित्तल का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
निरपुड़ा के जंगल में वन विभाग का डेरा
दोघट। तेंदुए का शव मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने निरपुड़ा गांव के जंगल में डेरा डाल लिया है। बृहस्पतिवार को दिनभर गांव में तेंदुए की मौत की वजह और सुबूत जानने में वन विभाग के कर्मचारी जुटे रहे। बड़ौत क्षेत्र के रेंजर ओम सिंह और वन दरोगा रविकांत चौधरी ने बताया कि बृहस्पतिवार को ग्रामीणों के साथ निरपुड़ा के जंगल में छानबीन की गई।
विभाग को आशंका थी कि अगर दो साल का मादा तेंदुआ यहां मिला है तो अन्य तेंदुए के भी पद चिह्न मिल सकते हैं। इसके अलावा विभाग मौत के सुबूत जुटाने में लगा रहा। लेकिन यहां विभाग के हाथ कुछ खास चीजें नहीं लगी।
नर्सरी में दफना दिया गया तेंदुआ
बिनौली। वन क्षेत्र में पोस्टमार्टम के बाद संतनगर रेंज की नर्सरी में ही तेदुए को दफना दिया गया। इस बीच आसपास के गांवों के काफी लोग भी मौजूद रहे।