बागपत कचहरी में बृहस्पतिवार को हाथ में हथकड़ी लेकर आराम से घूमता बंदी और फोन पर बात करने में व्यस्त दरोगा।
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बागपत में दस दिन पूर्व कचहरी में बंदियों की आपस में मुलाकात कराने पर पांच पुलिसवालें सस्पेंड हुए थे। इसके बावजूद बृहस्पतिवार को हथकड़ी लगा अपराधी कचहरी में खुलेआम घूमता रहा। उसे लेकर आए दारोगा आराम से फोन पर बातें करते रहे। यह हाल तब है जब कई अपराधी पुलिस अभिरक्षा से फरार हो चुके हैं।
एक दारोगा बृहस्पतिवार दोपहर हथकड़ी लगे अपराधी को कचहरी लेकर पहुंचे। दारोगा ने अपराधी के हाथ में लगी हथकड़ी पकड़ने की जरूरी नहीं समझी। बल्कि दारोगा ने हथकड़ी को उसके हाथ पर लपेट दिया। इतना ही नहीं दारोगा ने उसे घूमने की खुली छूट दे दी। दारोगा आगे-आगे तो हथकड़ी लगा अपराधी पीछे-पीछे चलता रहा।
इस दौरान अपराधी ने अपने साथियों से भी बातें की। दारोगा ने उसकी ओर कोई ध्यान नहीं दिया। बल्कि दारोगा फोन पर व्यस्त रहे। यह हाल तो तब है जब एक के बाद एक अपराधी पुलिस अभिरक्षा से भाग रहे हैं। रमाला थाना से कोर्ट में ले जाते समय लूट के तीन आरोपी पिछले साल फरार हो गए थे। देहरादून पुलिस कस्टड़ी से 15 दिसंबर 2014 को दो एके-47 और एक एसएलआर लूटकर गैंगेस्टर अमित उर्फ भूरा सरनावली (मुजफ्फरनगर) को छुड़ाया गया था।
इसमें यूपी और उत्तराखंड पुलिस की भारी फजीयत हुई थी। इससे पहले जाहिद रठौड़ा पुलिस अभिरक्षा से भाग चुका है। दूसरे जनपदों से बागपत के अपराधी पुलिस कस्टडी से फरार हो चुके हैं। राहुल खट्टा का गुरु बताए जाने वाला सचिन नंदा नोएडा से तथा विक्रांत उर्फ विक्की सुन्हेड़ा आगरा में ट्रेन से फरार हो चुका है।
सीओ कर्मवीर सिंह का कहना है कि कचहरी में हथकड़ी लगे अपराधी के घूमने का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा है तो बेहद ही गंभीर मामला है। इसकी जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।