धनौरा गांव में वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करते ग्रामीण।
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धनौरा और दौज्जा गांव के जंगल में तेंदुए की दस्तक से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त हो गई है।
बृहस्पतिवार देर रात तेंदुए ने गांव मेें घुसकर चार कुत्तों और दो गायों को अपना निवाला बनाया। लेकिन सूचना के बाद भी वन अधिकारी गांव में नहीं पहुंचे। इससे क्षुब्ध ग्रामीणों ने शुक्रवार को वन विभाग के अफसरों के खिलाफ प्रदर्शन किया। साथ ही आंदोलन की चेतावनी दी।
ग्रामीणों की माने तो पिछले 15 दिनों से क्षेत्र के जंगलों में तेंदुए ने आंतक मचा रखा है। एक सप्ताह पूर्व तेंदुए हिलवाडी गांव निवासी वीरेंद्र के यहां से दो बछड़ो को अपना शिकार बना चुका है। वहीं बृहस्पतिवार रात बिनौली क्षेत्र के धनौरा और दौज्जा गांव के जंगल मेें तेंदुए की दस्तक से ग्रामीण दहशत में है।
ग्रामीणों के अनुसार रात करीबन 10 बजे तेंदुआ गांव में घुस गया था और गांव में घूमने वाले चार आवारा कुत्तों को अपना निवाला बना लिया। इसके बाद तेंदुए दौज्जा गांव में घुसकर गांव में घूमने वाली दो गायों को शिकार बना लिया।
पूरी रात ग्रामीणों ने लाठी-डंडे और धारदार हथियारों के साथ जंगल में तेंदुए की तलाश की। लेकिन तेंदुआ नहीं मिला। ग्रामीणों ने सूचना वनाधिकारियों को दी। आरोप है कि सूचना के बाद भी कोई मौके पर नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया।
उधर, वन क्षेत्राधिकारी राजपाल सिंह का कहना है कि क्षेत्र में कहीं पर भी तेंदुआ नहीं है, ग्रामीण दहशत में न आएं। कोई जंगली जानवर है, जो जीव जंतुओं को नुकसान पहुंचा रहा है। टीम गांव मेें भेज दी गई है।