निरपुड़ा गांव के जंगल में तेंदुए और उसके बच्चों के पंजों के निशान मिलने से ग्रामीणों और किसानों में दहशत है। किसानों ने डर के मारे खेतों में भी जाना बंद कर दिया है। किसानों ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने की मांग की है। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि तेंदुए व उसके शावक कुछ दिन पूर्व गांव के जंगल में मृत मिले तेंदुए की तलाश में भटक रहे हैं।
रविवार सुबह किसान परण पाल खेत में काम करने गए थे। खेत में उन्होंने तेंदुए और दो शावक के पंजों के निशान देखे तो सूचना आसपास के खेतों में काम कर रहे किसानों को दी। काफी संख्या में किसान वहां पहुंच गए। इससे किसानों में भय व्याप्त हो गया और वे गांव की तरफ भाग लिए। उन्होंने गांव में आकर इसकी सूचना दी और एलान कराया कि कोई भी किसान खेत में न जाए, वहां तेंदुआ घूम रहा है।
कुछ ग्रामीणों ने कहा गत दिनों गांव के जंगल में मृत मिली मादा तेंदुए की तलाश में तेंदुआ और उसके बच्चे क्षेत्र में घूम रहे हैं और वे कभी भी गांव में पहुंच सकते हैं। मादा तेंदुआ नहीं मिलने से तेंदुआ बहुत खतरनाक हो गया होगा। ग्रामीण श्यौबीर, परण पाल, भरत सिंह, सहेंद्र पाल, भंवर सिंह आदि किसानों ने वन विभाग को इसकी सूचना दी है।
गांव में पहरा देने का निर्णय
दोघट। निरपुड़ा की प्रधान मुनेश देवी के आवास पर रविवार को हुई ग्रामीणों की बैठक में तय किया कि कोई किसान अकेला खेतों में नहीं जाएगा। रात में कोई घर से बाहर नहीं निकलेगा और पहरा भी दिया जाएगा।