बड़ौत। आदमपुर के मिंटू ने आय प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया, लेकिन लेखपाल की रिपोर्ट नहीं लगने से प्रमाणपत्र नहीं बन सका। मिंटू की तरह जिले के हजारों लोगों के आवेदन अटके हुए हैं, क्योंकि 2800 ग्रेड पे और वेतन विसंगति दूर करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर लेखपालों ने 54 अतिरिक्त हलकों का काम छोड़ दिया है। इससे करीब 3500 प्रमाणपत्रों की रिपोर्ट, 100 वारिसान के मामले और 115 नाली-चकरोड व जमीनों की पैमाइश अटक गई हैं।
जिले में कुल 130 राजस्व हलके हैं। इनमें 54 अतिरिक्त हलकों का काम प्रभावित होने से बड़ौत, खेकड़ा और बागपत तहसील क्षेत्र के संबंधित गांवों में आय, जाति, निवास समेत अन्य प्रमाणपत्र, विरासत दर्ज कराने और जमीन संबंधी कार्य प्रभावित हुए हैं। लेखपाल की जांच और रिपोर्ट के बिना कई मामलों की आगे की प्रक्रिया नहीं बढ़ पा रही है।
वारिसान से पैमाइश तक अटके काम
पैतृक संपत्ति में वारिसों के नाम दर्ज कराने के करीब 100 मामले लेखपालों की जांच व रिपोर्ट के इंतजार में हैं। वहीं नाली-चकरोड व जमीनों की 115 पैमाइश लंबित हैं। इससे रास्तों और जमीन की सीमाओं से जुड़े मामलों के निस्तारण में भी देरी हो रही है।
- आय प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किए काफी समय हो गया है, लेकिन लेखपाल की रिपोर्ट नहीं लगने से प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहा है। जरूरी काम के लिए प्रमाणपत्र चाहिए, इसलिए तहसील के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
-बिट्टू दोघट
- तहसील दिवस में चकरोड की पैमाइश के लिए आवेदन किया था, लेकिन अभी तक मौके पर पैमाइश नहीं हुई। इससे रास्ते से जुड़ा मामला लंबित है।
-विपिन, सिनौली
ये हैं लेखपालों की प्रमुख मांगें
लेखपाल 10 वर्षों से 2800 ग्रेड पे और वेतन विसंगति दूर करने, आठ वर्षों से अंतर मंडलीय स्थानांतरण, दो वर्षों से लंबित पदोन्नति सूची जारी करने व 16 वर्षों से भत्ता बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा नवनियुक्त लेखपालों के स्थायीकरण, परिषदादेश के बाद भी राजस्व निरीक्षक के कार्यों से अवमुक्त करने, लंबित परीक्षा परिणाम घोषित करने, लेखपालों को तकनीकी पद घोषित करने व सचिवालयों में बुनियादी सुविधाएं व सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग भी शामिल है।
वर्जन
- अतिरिक्त हलकों का काम छोड़ने से विभागीय कार्य भी प्रभावित हुए हैं। लेखपालों से बातचीत की जा रही है। जल्द ही समाधान निकाला जाएगा।
-बालकृष्ण सिंह, एसडीएम बड़ौत
- विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेशभर के लेखपाल संघर्षरत हैं। मांग पूरी न होने पर 22 सितंबर से अतिरिक्त हलकों का कार्यभार छोड़ने का निर्णय प्रदेशभर में लिया गया है। बागपत में 130 राजस्व हलकों में से 54 अतिरिक्त हल्कों का काम लेखपालों ने छोड़ा है। लंबे समय से लेखपाल अतिरिक्त हलकों का काम कर रहे थे। मांग पूरी न होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
-मोहित तोमर, जिलाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ, बागपत