बागपत। जिलेभर में रामलीलाओं का मंचन किया जा रहा है। कहीं ताड़का वध की लीला हुई, तो कहीं भरत मिलाप की लीला का मंचन हुआ। टटीरी में भरत मिलाप और सराय में राम वनवास के दौरान केवट का संवाद की लीला दिखाई गई।
शहर में अलग-अलग स्थानों पर चल रही राम की विभिन्न लीलाओं का कलाकारों ने मंचन किया। रामलीला में दर्शकों की भारी भीड़ है। शहर के ठाकुरद्वारा मोहल्ला में चल रही रघुवर रामलीला कमेटी द्वारा ऋषि विश्वामित्र द्वारा राम को अपने साथ ले जाने की, ताड़का वध और उसके बाद ताड़का विलाप की लीला दिखाई गई।
पुराना कस्बा से आए कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। इसमें संजय रूहेला, प्रकाश चौधरी, जोंटी, अनिल, सुभाष, सतीश, नरेश, रोहताश, मनोज गुप्ता का सहयोग रहा।
दूसरी श्री आदर्श रामलीला कमेटी ने हास्य नाटक प्रस्तुत किया और धनुष भंग की लीला दिखाई। इसमें नीरज चौहान, संजय फौजदार, मोंटी, इलू फौजदार, अनुज कश्यप, दिनेश का सहयोग रहा।
अग्रवाल मंडी टटीरी स्थित रामलीला के मंच पर भरत मिलाप की लीला का मंचन हुआ। इसमें प्रेम शंकर शर्मा, संदीप पांचाल, युनूस खान, जतीन शर्मा, आशु शर्मा, पराग गर्ग, राजकुमार, विनोद कुमार का सहयोग रहा।
अमीनगर सराय स्थित शिव मंदिर परिसर में चल रही रामलीला में राम वनवास केवट संवाद दशरथ मरण का मंचन किया । इसमें महेश शर्मा, सुशील शर्मा, अनिल शर्मा, वरुण पाराशर, राधेलाल बंसल, महेंद्र मित्तल, प्रेम चंद मित्तल, राकेश गुप्ता, पप्पू लाला, नवीन गुप्ता का सहयोग रहा।
बैंडबाजों संग निकाली राम बारात
बड़ौत। प्रेम मंडल ठाकुरद्वारा रामलीला कमेठी के तत्वावधान में राम की बारात का जुलूस धूमधाम से निकाला गया, जो नगर के विभिन्न मार्गों से होता हुआ ठाकुरद्वारा पहुंचकर संपन्न हुआ।
राम बारात का उद्घाटन नगर पालिका परिषद के चेयरमैन केपी मलिक ने किया। मुख्य अतिथि आदित्य शर्मा रहे। राम बारात पट्टी चौधरान, सर्कुलर रोड, कोताना रोड, फूंस वाली मस्जिद, नेहरू मूर्ति, संजय मूर्ति, भगवान महावीर मार्ग, रेलवे रोड, गांधी रोड होते हुए देर शाम ठाकुरद्वारे पर समाप्त हुई।
बारात में मुजफ्फरनगर, दिल्ली, बड़ौत, बिनौली के बैंड धार्मिक धुन बजाते चल रहे थे। बैंडों के बीच-बीच में गणेश जी, मां दुर्गा, शंकर की भव्य झांकियां चल रही थी। रथों में विश्वामित्र, राजा दशरथ व सबसे पीछे, राम और लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न सवार थे। जगह-जगह श्रद्धालु श्रीराम की पूजा-अर्चना कर रहे थे।
इस राम बारात के जुलूस को सफल बनाने में घनश्याम शर्मा, ब्रिजेश शर्मा, राजीव, हरीश मोहन अग्रवाल, बिजेंद्र शर्मा, सत्यदेव, रामकुमार राणा, कुलदीप वर्मा, बोबी आदि का सहयोग रहा।