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पंचों के दबाव में छोड़ा गांव

Sun, 31 Jan 2016 12:37 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
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बागपत के बिनौली क्षेत्र के एक गांव में पंचों ने रेप के प्रयास के मामले में पीड़ित परिवार पर दस हजार रुपये लेकर समझौता करने का दबाव बनाया। यहीं नहीं, धमकी दी कि उसने ऐसा नहीं किया तो उसे जान से मार दिया जाएगा। पंचों के भय से पीड़ित परिवार ने गांव से पलायन कर दिया है। इसके बावजूद पुलिस आंखें बंद करके आराम से बैठी हुई है। एसपी का कहना है कि मामला दर्ज है, आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी है।
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गांव के पीड़ित युवक ने बताया कि वह चार जनवरी को मजदूरी करने बाहर गया हुआ था। सुबह करीब 11 बजे पड़ोस का ही एक युवक उसके घर में घुस आया। आरोपी ने उसकी पत्नी के साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी। शोर शराबा होने पर आरोपी धमकी देता हुआ फरार हो गया था। बिनौली थाने पर घटना की तहरीर दी।

पुलिस ने आरोपी का शांति भंग की धारा में चालान कर दिया। अफसरों से शिकायत करने पर पुलिस ने रेप के प्रयास में मामला दर्ज किया। आरोपी को पुलिस ने अभी तक गिरफ्तार नहीं किया। आरोपी खुलेआम घूम रहा है और धमकी दे रहा है। गांव के लोगों ने उस पर केस में समझौते का दबाव बनाया। तीन दिन पूर्व उसके घर पर गांव के काफी लोगों ने पंचायत कर उस पर दस हजार रुपये लेकर समझौते का दबाव बनाया। धमकी दी कि यदि बात नहीं मानी तो उसे जान से मार दिया जाएगा। पंचायत में शामिल लोगों ने शनिवार सुबह उसे और उसकी पत्नी को बड़ौत तहसील में बुलाया।
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जब उन्हें पता चला कि वे बयान बदलवाने के प्रयास में लगे हुए हैं। वे तहसील से ही वापस चले गए। उसका कहना है कि पंचों के डर से उसने और उसकी पत्नी ने गांव छोड़ दिया है। घटना से वे इतने आहत हैं कि वे आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे है। इस बाबत एसपी रवि शंकर छवि का कहना है कि महिला का अपने परिवार के ही युवक पर आरोप है। केस थाने में दर्ज है। आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। पीड़ित परिवार गांव में ही रह रहा है। उनके गांव छोड़ने की उन्हें जानकारी नहीं है।

गांव में पंचायत हुई, परिवार के गांव छोड़ने की जानकारी नहीं बागपत। गांव के प्रधान का कहना है कि महिला से छेड़छाड़ के मामले में गांव में तीन दिन पूर्व पंचायत जरूर हुई थी। उसमें समझौते की बात की गई थी। उन्हें पंचायत में नहीं बुलाया गया था। जानकारी होने पर वे खुद ही वहां पर पहुंचे थे, उस समय तक पंचायत हो चुकी थी। बाद में पीड़ित परिवार के साथ क्या हुआ? पीड़ित परिवार ने गांव छोड़ा या नहीं उन्हें जानकारी नहीं है। मामले की जानकारी कराई जा रही है।

केस में झूठा फंसाने का आरोप
बागपत। आरोपी युवक के परिजनों ने पुलिस अधीक्षक के दफ्तर पर पहुंचकर बताया कि युवक को केस में झूठा फंसाया गया है। उसने किसी महिला से रेप का प्रयास नहीं किया है। गांव में कोई पंचायत भी नहीं हुई है। उन्होंने पुलिस अफसरों से केस की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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