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स्कूलों में कोरोना प्रोटोकॉल भी सीख रहे, पुरानी किताबों से पढ़ाई की छूट

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शिक्षक राजकुमार शर्मा - फोटो : BAGHPAT
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बागपत/बड़ौत। कोरोना के बाद स्कूलों में व्यवस्थाएं बदल गई हैं। परिषदीय विद्यालयों के साथ काफी निजी स्कूलों में पुरानी किताबों से पढ़ने की छूट दी गई है। मास्क, सैनिटाइजर व स्वच्छता के लिए भी जागरुक किया जा रहा है। स्कूलों में एक-दूसरे का सामान लेने पर रोक लगाई गई है। अब स्कूलों में छात्रों को कोरोना प्रोटोकॉल का पाठ भी पढ़ाया जाता है तो अभिभावक भी बच्चों को संक्रमण से बचाव के लिए जागरूक कर रहे है। स्कूलों के गेट पर हेल्प डेस्क बनाई गई है। स्कूल के कक्षों का सैनिटाइजेशन के साथ बच्चों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जा रहा है।
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पहले हाथ सैनिटाइज करो, फिर मिलेगा प्रवेश
कोरोना के बाद स्कूलों में सैनिटाइज के बाद ही प्रवेश का नियम बनाया गया है। स्कूलों में बच्चों को कतार में खडे़ होने के चिह्न बनाकर अनुशासन का पालन कराया जा रहा है। स्कूल आने वाले बच्चे अब सैनिटाइजर लेकर आ रहे हैं तो कोरोना संक्रमण कम होने के बाद भी बसों में मास्क लगाकर बैठते हैं।
सफाई को लेकर जागरूकता
कोरोना के बाद स्कूलों में बच्चे मास्क पहनकर स्कूल पहुंच रहे हैं। बच्चों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के साथ ही स्वच्छता के लिए जागरूक किया जा रहा है। एक-दूसरे के सामान का प्रयोग न करने के निर्देश दिए गए है। हर्षित जैन, प्रबंधक वनस्थली पब्लिक स्कूल बड़ौत
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पढ़ाई के दौरान भी गाइडलाइन पालन
विद्यालय में बच्चों को पढ़ाई के साथ ही कोविड प्रोटोकॉल के बारे में बताया जाता है। स्कूल में सैनिटाइजर, थर्मल स्कैनर की व्यवस्था कराई गई है। विद्यालय में कोविड के नियमों का पालन करते हुए शिक्षण कराया जा रहा है। - सीमा, सहायक अध्यापिका, कंपोजिट विद्यालय शाहपुर बड़ौली
सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे
कोरोना के बाद स्कूल में मास्क लगाने व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए जागरूक किया जाता है। स्कूल में सैनिटाइजर का नियमित छिडक़ाव कराया जाता है। बच्चों को एक-दूसरे की चीजों का प्रयोग न करने और 12 से 14 साल के बच्चों को टीकाकरण कराने के लिए जागरुक किया जा रहा है। राजकुमार शर्मा, प्रधानाचार्य कंपोजिट विद्यालय सूरजपुर महनवा
संक्रमण से बचाव के प्रयास
अब स्कूलों में पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को संक्रमण से बचाव के लिए जागरुक किया जाता है। बच्चों को दूरी पर बैठाया जाता है, जिससे संक्रमण को लेकर किसी तरह का डर नहीं हो। -अंजुम, सहायक अध्यापिका उच्च प्राथमिक विद्यालय सिसाना
मास्क लगाकर जाते हैं स्कूल
कोरोना के बाद हम स्कूल में मास्क लगाकर जाते है तो सैनिटाइजर भी साथ रहता है। पहले आपस में एक-दूसरे का सामान इस्तेमाल कर लेते थे, लेकिन अब उसपर भी रोक है। कोरोना से बचाव के लिए जागरूक भी किया जाता है। इशिता, आठवीं की छात्रा
व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा
कोरोना के बाद स्कूलों की व्यवस्थाओं में बदलाव आया है। प्रार्थना सभा में कोरोना से बचाव के लिए जागरुक किया जाता है। मास्क की अनिवार्यता के साथ बैठने के तरीकों में भी बदलाव किया गया है। संजना, आठवीं की छात्रा
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संजना- फोटो : BAGHPAT

सहायक अध्यापिका सीमा- फोटो : BAGHPAT

बड़ौत के वनस्थली पब्लिक स्कूल में छात्र के स्वास्थ्य की जांच करते हुए- फोटो : BAGHPAT

छात्रा ईशिका- फोटो : BAGHPAT

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