बागपत के सांकरौद गांव की खाप पंचायत के मामले को लेकर दलित परिवार को मिल रही धमकी के केस में पुलिस को सर्विलांस से अहम जानकारी मिली। पुलिस ने कहा खेकड़ा के एक नेता के चचेरे भाई ने दलित परिवार के पास फोन किया था। जैसे ही आरोपी का नाम उजागर हुआ। पीड़ित ने ही अपना बयान बदल दिया। पीड़ित ने सोमवार को एसपी दफ्तर पर पहुंचकर कहा इस आदमी से उसकी सामान के लेनदेन की बात हुई थी। उसने उसे कोई धमकी नहीं दी। वह इस मामले में कार्रवाई नहीं चाहता है।
खाप पंचायत के मामले में दलित बहनों के पिता रिटायर फौजी ने 27 मई को एसपी ऑफिस पर दिए पत्र में बताया उनके बेटों के मोबाइल पर पिछले कई दिन से अलग-अलग मोबाइल नंबरों से फोन आ रहे हैं। फोनकर्ता उन्हें परेशान कर रहे हैं और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इससे उन्हें जान का खतरा है। उन्होंने पुलिस अफसरों से धमकी देने वालों का पता लगाकर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस तभी से ही इस मामले की जांच में जुटी थी। पुलिस को सर्विलांस के आधार पर कामयाबी मिली।
क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर अशोक कुमार यादव ने बताया पीड़ित की शिकायत पर एक मोबाइल नंबर खेकड़ा के एक नेता के चचेरे भाई का मिला है। आरोपी ने अपने मोबाइल से 25 मई को दो बार फोन किया।मामला उजागर होते ही दोनों पक्ष के लोग बुधवार को एसपी दफ्तर में पहुंचे।
धमकी देने की शिकायत करने वाला ही पुलिस के सामने अपनी शिकायत से मुकर गया। एसपी पूनम ने बताया शिकायतकर्ता ने कहा जिस नंबर से फोन आया था। वह उसका परिचित है। उसने किसी सामान के लेनदेन के उद्देश्य से उनके पास फोन किया था। इस मामले में उसने कार्रवाई कराने से मना कर दिया है।