बागपत। पुरा महादेव के पास हरियाखेड़ा के जंगल में अंतरराष्ट्रीय योग एवं आरोग्य केंद्र के लिए चिह्नित जितनी जमीन का बैनामा नहीं होगा। उस जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा क्योंकि जमीन की कमी के कारण केंद्र निर्माण में देरी नहीं की जाएगी। जमीन अधिग्रहण के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली। हरियाखेड़ा गांव के जंगल में अंतरराष्ट्रीय योग एवं आरोग्य केंद्र का निर्माण किया जाना है। इसके लिए करीब 87 हेक्टेयर जमीन की जरूरत पड़ेगी। इसमें से करीब 68 हेक्टेयर जमीन किसानों की है, जबकि बाकी सरकारी जमीन है। जमीन खरीदने के लिए शासन से एक अरब 48 करोड़ 98 लाख 24 हजार रुपये की मांग की गई थी, जो शासन से मिल चुका है। इसके बाद हरियाखेड़ा में किसानों की जमीनों के पर्यटन विभाग के नाम बैनामे भी शुरू करा दिए गए। वहां 102 करोड़ रुपये की जमीन के बैनामे हो चुके हैं और इसकी प्रक्रिया अभी चल रही है, मगर वहां ऐसे भी करीब बीस किसान है जो जमीनों के बैनामों में आनाकानी कर रहे हैं। इन किसानों की जमीन को अधिग्रहण करने के लिए प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी।
पर्यटन हब बनेगा पुरा महादेव व हरियाखेड़ा, विदेशी भी आएंगे : अंतरराष्ट्रीय योग एवं आरोग्य केंद्र बनने के बाद पुरा महादेव व हरियाखेड़ा गांव पर्यटक हब बन जाएगा। यहां देश के अलावा विदेशों से भी पर्यटक पहुंचेंगे। इससे गांव की अलग पहचान बनेगी। केंद्र का निर्माण होने से न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि बागपत में योग एवं आरोग्य जैसे स्वास्थ्य पर्यटन के नए आयाम खुलेंगे।