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इकनोमिक कॉरिडोर के लिए आधा दर्न गांवों में जमीन पर कब्जा लेने की शुरूआत

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टीकरी गांव में दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर की फाइल तैयार करते लेखपाल धर्मेंद्र सिंह - फोटो : BAGHPAT
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संवाद न्यूज एजेंसी
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बागपत। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए अधिग्रहण की गई जमीन पर कब्जा लेने का जहां पिछले महीने तक किसान विरोध कर रहे थे। वहीं अब जमीन पर लगातार कब्जा लेने के लिए कार्रवाई शुरू हो गई है। जहां पहले तीन गांवों में जमीन पर कब्जा लिया गया तो अब आधा दर्जन अन्य गांवों में कब्जा लेने की कार्रवाई की शुरूआत हुई है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि किसान भी मुआवजा उठाने में रुचि दिखा रहे हैं। इसको देखते हुए कई अन्य जगह कार्यालय तक खोल दिए गए हैं।
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए बागपत में मवीकलां से मुजफ्फरनगर की सीमा तक 32 गांवों के 5286 किसानों की 292 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया है। 23 हेक्टेयर सरकारी जमीन भी अधिगृहीत की गई है। किसानों को जमीन का 824 करोड़ रुपये से ज्यादा का मुआवजा दिया जाना है। मार्च तक किसान मुआवजा लेने में रुचि नहीं दिखा रहे थे। वे अधिग्रहण की गई जमीन पर कब्जा देने का भी विरोध कर रहे थे। इस कारण ही कॉरिडोर का निर्माण भी शुरू होता नहीं दिख रहा था। अब करीब 250 किसानों ने 115 करोड़ रुपये का मुआवजा ले लिया है। अन्य भी मुआवजा लेने के लिए अधिकारियों के पास पहुंच रहे हैं। इसको देखते हुए प्रशासन ने जमीन पर कब्जा लेना शुरू कर दिया। जहां पहले लोहड्डा, बिजरौल व जलालपुर गांव में जमीन पर कब्जा लेकर काम शुरू कर दिया था। वहीं, अब काठा, अहैड़ा, नौरोजपुर गुर्जर, सूजरा, क्यामपुर में जमीन पर कब्जा लेने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इन गांवों में पूरी जमीन पर जल्द कब्जा लेकर काम शुरू करा दिया जाएगा।
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टीकरी में खोल दिया कैंप कार्यालय
दोघट। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए टीकरी में जमीन पर कब्जा लेने की कार्रवाई शुरू कर कार्यालय खोल दिया गया है। जहां आसपास के गांवों के किसानों की समस्या का समाधान होगा। उनके मुआवजे की फाइलों को पूरा कराया जाएगा। तहसील बड़ौत के लेखपाल धर्मेंद्र को कार्यालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। धर्मेंद्र ने बताया कि गांव की 88 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। 18 किसानों ने मुआवजा ले लिया है। उन्होंने कहा कि किसान उनसे संपर्क कर फाइल तैयार करा लें। जिससे समय पर उन्हें मुआवजा मिल सके।
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पहले मुआवजा लेने के लिए काफी कम किसान पहुंच रहे थे तो अब किसान मुआवजा लेने में रुचि दिखा रहे हैं। इसके साथ ही जमीनों पर कब्जा लेकर कार्य भी शुरू कर दिया गया है। पहले तीन गांवों में जमीन पर कब्जा लिया गया था। अब आधा दर्जन गांवों में जमीन पर कब्जे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।-अमित कुमार, एडीएम
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