राजस्थान निवासी गोल्ड मेडल विजेता महिला बॉक्सर ललिता
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अर्जुन अवार्डी मौसी से मिली ललिता को प्रेरणा
बागपत। प्रतियोगिता की बेस्ट बॉक्सर चुनी गईं ललिता को रिंग में उतरने के लिए प्रेरित करने वाली और उनकी मौसी अर्जुन अवार्डी कविता चहर हैं। ललिता कहती है कि ओलंपिक का पदक जीतना लक्ष्य है। टीम इंडिया की ओर से खेलना चाहती हैं।
राजस्थान के चुरू की रहने वाली ललिता ने 60-64 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। इसी महीने ललिता ने केरल में सीनियर नेशनल में गोल्ड जीता था। ललिता की मां संतोष देवी हरियाणा के भिवानी जिले के नीमड़ी गांव की रहने वाली हैं। उनकी शादी चुरू के किसान विनोद कुमार के साथ हुई। ललिता बताती है कि मौसी कविता चहल अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग खिलाड़ी रही हैं। मौसी को अर्जुन अवार्ड मिला और पूरे देश ने सम्मान किया तो उसे भी बॉक्सिंग में कुछ करने की ललक जगी। वह जो भी है, मौसी की बदौलत है। बेस्ट बॉक्सर का खिताब दिए जाने से ललिता गदगद हैं।