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किसानों की उम्मीदों पर पड़े ओले

Sun, 23 Apr 2017 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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बागपत के दोघट में गली में पड़े ओले। - फोटो : अमर उजाला
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बागपत। गेहूं की कटाई और थ्रेसिंग में जुटे किसानों की उम्मीदों पर ओले पड़े। शनिवार को तेज आंधी से जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। किसानों को थ्रेसिंग का कार्य रोक देना पड़ा। दाहा और दोघट क्षेत्र में ओले भी पड़े हैं, इससे गेहूं की फसल में भारी नुकसान होने का अनुमान है।
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शनिवार को मौसम और हवा ने कई रंग बदले। कभी पुरवा चली तो कभी पछवा। दोपहर तीन बजे एकाएक हवा की रफ्तार तेज हो गई और आसमान में काली घटाएं छा गई। हवा आंधी में बदल गई। करीब 32 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी चली। इससे गेहूं की कटाई और थ्रेसिंग के कार्य में लगे किसानों को झटका लगा। करीब आधा घंटे तक आंधी चली, इससे गेहूं की पुली दूर तक बिखर गई।

आंधी रुकी तो बारिश शुरू हो गई। दोघट और दाहा क्षेत्र में ओलावृष्टि हुई है। इससे किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। खेत में पककर खड़ी फसल गिर गई, जबकि खेत में कटाई के बाद पड़ी फसल भीग गई। इससे थ्रेसिंग के कार्य में परेशानी होना लाजिमी है। दाहा, सूजती, गांगनौली, टीकरी और दोघट क्षेत्र में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।
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किसान लोमश पंवार, धर्मवीर सिंह, विजय राणा, मांगेराम, आनंद पाल, आदित्य सोलंकी, बिजेंद्र राठी, संजीव, धर्मेंद्र, राजेंद्र सिंह, बिजेंद्र सिंह और कालू का कहना है कि चौगामा क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ है। किसानों को मुआवजा मिलना चाहिए। डीएम ह्दय शंकर तिवारी ने कहा जिस क्षेत्र में ओलावृष्टि हुई है। वहां प्रशासन की टीम नुकसान का आंकलन कराया जाएगा।
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