बागपत जिले के पांच ब्लाक में पंचायत चुनाव होने के बावजूद कई गांवों में अभी भी तनावपूर्व शांति बनी हुई है। झगड़े की आशंका को देखते हुए पुलिस अफसरों ने दस गांवों में पुलिस तैनात की है। इनमें से किरठल गांव में तो सिविल पुलिस के साथ पीएसी भी तैनात है।
पुलिस के मुताबिक किरठल गांव समेत दस गांव सुरक्षा की लिहाज से ए प्लस श्रेणी में है। इनमें से कई गांवों के अपराधियों के परिवार के लोग चुनाव मैदान में थे। किरठल से हिस्ट्रीशीटर धर्मेंद्र किरठल की मां सुरेशो देवी और प्रधान के पति कृष्णपाल की पत्नी चुनाव मैदान में थी।
असारा गांव से मोहकम पहलवान की पत्नी इमराना ने जिला पंचायत सदस्य पद के लिए चुनाव लड़ा है। तुगाना गांव से 15 हजार के इनामी परमवीर की पत्नी और भाभी ने बीडीसी पद के लिए चुनाव लड़ा। मुजफ्फरनगर जेल में बंद जाकिर रठौड़ा की पत्नी ने भी जिला पंचायत सदस्य पद के लिए चुनाव लड़ा।
इसके अलावा सूप, तिलवाड़ा, लूंब, मुकंदपुर, मीतली, रटौल गांव में चुनावी तथा पुरानी रंजिश चल रही है। तिलवाड़ा में तो चुनाव से पहले ही चुनावी रंजिश में झगड़ा हो गया था। रटौल में चुनाव के दौरान ही बवाल हो गया था। अन्य गांवों में भी चुनाव के दौरान टकराव की स्थिति बनी रही थी। हालांकि चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न हो गया। इन गांवों में चुनाव होने के बाद भी तनाव की स्थिति बनी हुई है। इसको लेकर पुलिस अफसर काफी टेंशन में है। इसी को देखते हुए अधिकारियों ने इन गांवों में चुनाव के बाद भी पुलिस तैनात की है।
किरठल गांव में तो सिविल पुलिस के साथ पीएसी भी तैनात है। एएसपी विद्या सागर मिश्र का कहना है कि इन गांवों में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस तैनात की गई है।