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Kanwar Yatra: हरियाणा-राजस्थान के शिवभक्तों से गुलजार हुआ कांवड़ मार्ग, मन्नतें पूरी होने पर ला रहे गंगाजल

Fri, 31 Jul 2026 02:13 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत

सार

हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के कांवड़ियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। श्रद्धालु मन्नत पूरी होने पर भोले बाबा का जलाभिषेक करने जा रहे हैं।
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कांवड़ यात्रा 2026 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे शिवभक्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बड़ौत-बुढ़ाना कांवड़ मार्ग पर हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और दिल्ली के श्रद्धालु अपने-अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। मार्ग पर इन दिनों सबसे अधिक कलश कांवड़ दिखाई दे रही हैं और जगह-जगह सेवा शिविर भी शुरू हो चुके हैं।

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कांवड़ मार्ग पर बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या
बड़ौत-बुढ़ाना मार्ग से गुजरने वाले श्रद्धालुओं ने बताया कि यात्रा के दौरान प्रशासन की ओर से पर्याप्त व्यवस्थाएं हैं। हालांकि, उमस भरी गर्मी के कारण उन्हें कुछ परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद "बम-बम भोले" के जयघोष के साथ शिवभक्त पूरे उत्साह से यात्रा जारी रखे हुए हैं।

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मन्नत पूरी होने पर ला रहे गंगाजल
हरियाणा के सांपला गांव निवासी शंकर ने बताया कि वह भोले बाबा के प्रति अटूट श्रद्धा रखते हैं। उन्होंने विवाह की मन्नत पूरी होने और परिवार में सुख-शांति तथा पिता के अच्छे स्वास्थ्य की कामना के साथ कांवड़ यात्रा की है।

वहीं, राजस्थान के अलवर जिले के डबरवास गांव निवासी सतीश ने बताया कि उन्होंने शराब की लत छोड़ने की मन्नत मांगी थी, जो पूरी हो गई। अब वह हरिद्वार से 11 लीटर गंगाजल लेकर करीब 400 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर अपने गांव पहुंचेंगे और भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे।
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कांवड़ यात्रा 2026 - फोटो : अमर उजाला
78 साल की उम्र में आठवीं बार गौमुख से कांवड़
हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के सैदपुर गांव निवासी दयाराम ने बताया कि वह हर सावन में कांवड़ यात्रा करते हैं। इस बार वह आठवीं बार गौमुख से गंगाजल लेकर लौट रहे हैं। उनका कहना है कि भगवान शिव में उनकी अटूट आस्था है और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए वह हर वर्ष यह यात्रा करते हैं।

उनके साथ यात्रा कर रहे गजानंद ने बताया कि करीब 25 वर्ष पहले उनका परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा था। भोले बाबा की कृपा से अब परिवार की स्थिति बेहतर है। इसी आस्था के चलते वह हर वर्ष कांवड़ लेकर आते हैं। उनके साथ अजीत कुमार भी कांवड़ यात्रा में शामिल हैं।

सेवा शिविरों से मिल रहा सहयोग
कांवड़ मार्ग पर विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों की ओर से जगह-जगह सेवा शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पेयजल, चिकित्सा और विश्राम की व्यवस्था की गई है, जिससे लंबी पैदल यात्रा कर रहे कांवड़ियों को राहत मिल रही है।
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