बागपत। यमुना खादर की 40 बीघा जमीन पर हरियाणा के किसानों को अवैध कब्जा दिलाने वाले राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) को निलंबित कर दिया गया है। एसडीएम सदर के नेतृत्व में प्रकरण की जांच की गई थी। भाकियू ने तहसील में हंगामा कर यह मामला उठाया था और कार्रवाई की मांग की गई थी।
पुराना कसबा निवासी किसान फखीरा, पार्वती देवी और धूम सिंह ने एसडीएम सदर रायनयन सिंह को प्रार्थना पत्र दिया था कि उनकी जमीन पर राजस्व निरीक्षक राजकुमार ने गलत तरीके से 13 जून को हरियाणा के सोनीपत जिले के जगदीशपुर निवासी किसानों को अवैध कब्जा दिला दिया। किसानों के समर्थन में भाकियू ने तहसील में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। डीएम शकुंतला गौतम ने मामले की जांच एसडीएम सदर को सौंपी थी। एसडीएम ने बताया कि जांच में राजस्व निरीक्षक के स्तर से गलती हुई है। उन्होंने मामले की रिपोर्ट डीएम को भेज दी थी, जिसके बाद कानूनगो को निलंबित कर दिया गया है।
यह था मामला
बागपत। सोनीपत के जगदीशपुरा निवासी किसान नरेश ने 14 फरवरी को मंडलायुक्त मेरठ को प्रार्थना पत्र दिया था। इसके बाद प्रकरण की जांच चल रही थी। इस बीच 13 जून को बागपत तहसील के कानूनगो ने जमीन पर हरियाणा के किसानों को कब्जा दिला दिया, जिसकी जानकारी मिलने के बाद भाकियू ने हंगामा किया था।
किसानों के साथ खड़े हैं : प्रताप गुर्जर
बागपत। भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर ने कहा कि वह किसानों के साथ हैं। किसानों का शोषण नहीं होने दिया जाएगा।