रटौल। कहरका गांव का प्राथमिक विद्यालय बच्चाें की मेहनत व कला से पर्यावरण मित्र बन गया है। यहां के पांच बच्चों व प्रधानाध्यापक को सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान अगस्त माह में दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम में दिया जाएगा। विद्यालय का चयन होने से बच्चों की प्रतिभा को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
पर्यावरण शिक्षण केंद्र (सीईई) व विप्रो के सहयोग से देशभर में प्रतियोगिता कराई गई थी। पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास के क्षेत्र में प्राथमिक विद्यालय कहरका ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। जिले के प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों के माध्यम से विद्यार्थियों ने लोगाें को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, पानी बचाओ के प्रति जागरूक किया। प्रधानाध्यापक आलोक गौड़ ने बताया कि प्रोजेक्ट कचरा प्रबंधन पर कार्य किया गया था। विद्यार्थियों ने विद्यालय में साफ-सफाई, पर्यावरण के लिए पौधरोपण किया ताकि पर्यावरण को बचाया जा सकें। विप्रो व सीईई ने प्राथमिक विद्यालय कहरका का चयन किया। अब बच्चों व प्रधानाध्यापक को सम्मानित किया जाएगा।
कार्यक्रम के मास्टर ट्रेनर डाॅ. मनोज वार्ष्णेंय ने बताया कि अर्थियन एक गतिविधि आधारित सतत शिक्षण कार्यक्रम है। इसमें अच्छा कार्य करने वाले विद्यालयों का चयन किया गया।