अलविदा: हम तो चले गांव की ओर बागपत के सम्राट पृथ्वीराज डिग्री कालेज से रोडवेज बस से रवाना होते हरि
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बागपत। हरियाणा, पंजाब और राजस्थान से पैदल या साइकिलों पर सवार होकर अपने घरों के लिए निकले श्रमिकों को बागपत में स्क्रीनिंग सेंटर में रोका गया। रजिस्ट्रेशन और मेडिकल के बाद करीब 500 कामगारों को उनके घरों के लिए बसों में रवाना कर दिया गया है। दिनभर प्रशासन की टीम श्रमिकों की रवानगी करने में जुटी रही।
एसपीआरसी डिग्री कॉलेज बागपत, लख्मीचंद पटवारी कॉलेज खेकड़ा, स्यादवाद इंस्टीट्यूट बागपत और बड़ौत के स्क्रीनिंग सेंटरों पर आकर रुके कामगारों का मेडिकल कराया गया। भोजन की व्यवस्था रही। एडीएम बागपत अमित कुमार सिंह और सीएचसी अधीक्षक डॉ विभाष राजपूत ने बताया कि प्रवासियों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। इनमें अधिकतर हरियाणा और पंजाब से आए हैं। बॉर्डर पार करने पर इन्हें जिले के स्क्रीनिंग सेंटरों पर रोककर रोडवेज बसों की व्यवस्था की गई। पूर्वांचल के आजमगढ़, बदायूं, ललितपुर, इलाहाबाद समेत अन्य जिलों के लिए 30 बसों में मजदूरों को रवाना किया गया। एआरएम योगेंद्र पाल सिंह ने बताया कि बसों का पर्याप्त इंतजाम है। रजिस्ट्रेशन के बाद सोशल डिस्टेंश के साथ कामगारों को रवाना किया जा रहा है।
सफर के लिए खरीद ली थी साइकिल
बागपत। हरियाणा से रवाना हुए कामगारों ने घर पहुंचने के लिए नई साइकिलें खरीद ली। साइकिल पर सवार होकर मजदूर घर के लिए निकले, लेकिन बॉर्डर पर इन्हें रोककर अब बसों से घर भेजा जा रहा है। साइकिलों को बस में ही रखा गया।
मेडिकल कराया, होम क्वारंटीन की सलाह
बागपत। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कामगारों का मेडिकल कराया। घर जाकर इन्हें होम क्वारंटीन रहने की सलाह दी गई है।
जिले के 50 मजदूर भी लौटे
बागपत। विभिन्न स्क्रीनिंग सेंटरों पर जिले के रहने वाले अब तक करीब 50 मजदूर भी वापस आए हैं। सीएचसी अधीक्षक डॉ विभाग राजपूत ने बताया कि मेडिकल के बाद इन्हें घर भेजकर होम क्वारंटीन किया गया है। एंबुलेंस से इन्हें घर भेजा गया है।