फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुख्यमंत्री जनसुनवाई केंद्र आपरेटर भी शिकायतों को लेकर गंभीर नहीं

विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्यमंत्री जनसुनवाई केंद्र के आपरेटर शिकायतों को लेकर गंभीर नहीं
विज्ञापन

खेकड़ा (बागपत)।
मुख्यमंत्री जन सुनवाई केंद्र के आपरेटर शिकायतों के मामले में गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। उन्होंने शिकायतों के विभागों के चयन में घोर लापरवाही बरती हैं। शिकायत कर्ताओं ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आपरेटरों की शिकायत की।
प्रदेश में भाजपा की सत्ता आने पर लोगों की शिकायत सुनने के लिए मुख्यमंत्री ने जन सुनवाई केंद्र बनाए हैं। इनमें मुख्यमंत्री पोर्टल व 1076 पर फोन प्रमुख रूप से है। संपूर्ण समाधन दिवस या कोतवाली समाधान दिवस में भी शिकायतों का निस्तारण न होने पर शिकायतकर्ता इन पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराता है, लेकिन अब इन केंद्रों की घोर लापरवाही उजागर होने लगी है। शिकायत कर्ताओं ने इन केंद्रों में होने वाली शिकायतों को न तो ठीक से दर्ज ही किया जाता है और न ही इनका निस्तारण किया जाता है।
विज्ञापन

खेकड़ा शहर निवासी शिकायतकर्ता प्रमोद गोस्वामी ने क्षेत्र के गांव सांकरौद यमुना नदी के खादर में चल रहे अवैध खनन की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज कराई । उनकी इस शिकायत को पोर्टल से निस्तारण के लिए सिंचाई विभाग के पास भेजा । सिंचाई विभाग में इस शिकायत को खनन विभाग का बताते हुए पल्ला झाड़ लिया। सवाल उठता है कि यदि शिकायत खनन विभाग की थी, तब शिकायत को सिंचाई विभाग के पास क्यों भेजा।
विज्ञापन

गांव सुभानपुर निवासी किशन चंद ने 1076 पर फोन कर गांव के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों के तीन तीन साल से छुट्टी पर रहने की शिकायत दर्ज कराई, लेकिन उसकी शिकायत पर उस शिक्षक पर कार्रवाई की जांच आ गई। जो प्रतिदिन विद्यालय में आता था। इससे वह शिक्षक जांच से बच गए। जिनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत कर्ताओं ने पोर्टल पर बैठे आपरेटरों के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखित में शिकायती पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें