- आपूर्ति निरीक्षक बड़ौत को सौंपी गई जांच, जल्द मांगी गई रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। अधिकारियों के नाम पर राशन डीलरों से वसूली के मामले की जांच शुरू हो गई है। जिला पूर्ति अधिकारी विकास कुमार ने छुट्टी से लौटने के बाद इस पूरे प्रकरण की जांच आपूर्ति निरीक्षक बड़ौत को सौंप दी है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
राशन डीलर गीता जैन समेत कई डीलरों ने जिलाधिकारी से शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि 90 रुपये प्रति क्विंटल मिलने वाले सरकारी कमीशन में से 45 रुपये प्रति क्विंटल एक व्यक्ति अधिकारियों के नाम पर वसूल रहा है। यह व्यक्ति खुद को राशन डीलरों का अध्यक्ष बताता है। शिकायत में कहा गया कि रुपये नहीं देने वाले डीलरों को जांच, कार्रवाई और दुकान निलंबित कराने की धमकी दी जाती थी। डीलरों ने शिकायत के साथ ऑडियो रिकॉर्डिंग, वीडियो, फोटो और रुपये के लेनदेन से जुड़े दस्तावेज भी सौंपे हैं।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब जिला पूर्ति विभाग पहले से ही भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर चर्चा में है। पिछले महीने तत्कालीन जिला पूर्ति अधिकारी और एआरओ रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम के हत्थे चढ़े थे। इसके अलावा दो पूर्ति निरीक्षक भी भ्रष्टाचार के मामलों में निलंबित किए जा चुके हैं। ऐसे में इस नई शिकायत से राशन वितरण प्रणाली की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं।
वर्जन
राशन डीलरों से अधिकारियों के नाम पर अवैध वसूली की शिकायत प्राप्त हुई थी। डीएम के निर्देश पर मामले की जांच शुरू करा दी गई है। जांच आपूर्ति निरीक्षक बड़ौत राजेश कुमार को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी। -विकास कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी