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महंगाई: सब्जियों के साथ दाल कर रही बेहाल

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95 के पार पहुंची अरहर की दाल, चना व मटर की दाल भी हुई महंगी
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कोरोना काल में बढ़ती महंगाई गरीबों की थाली से गायब कर रही दाल
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। गरीबों के लिए ही नहीं बल्कि मध्यम वर्गीय परिवार के लोगों के लिए भी दाल सबसे अधिक पौष्टिक वाला भोजन है। मगर, आसमान छूते रेट से दाल अब थाली से गायब होती नजर आ रही है। दाल के बढ़ते रेट से किचन का बजट ही बिगड़ गया है। अरहर दाल जहां 95 रुपये प्रति किलोग्राम से ज्यादा की बिक रही है, वहीं मटर और चना दाल के रेट भी आसमान छू रहे हैं।
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कुछ यूं सता रही दाल----
अरहर की दाल 95 व 100 रुपये
चना की दाल 70 रुपये
मटर की दाल 75 रुपये
उड़द की दाल 120 रुपये
मसूर की दाल 115 रुपये
क्या बोली ग्रहिणी
सारन्द्रा का कहना है कि बढ़ती महंगाई बढ़ रही है। डिमांड बढ़ने के साथ ही दाल के रेट में भी चेंज आ रहा है। ऐसे में लोग दाल खरीदने से भी कतरा रहे हैं। ग्रहिणी रणवीरी देवी का कहना है कि पहले सब्जियों के दाम ने परेशान किया ही था, अब दालों के रेट भी परेशान कर रहे है। ऐसे में अब तो पेट भर पाना भी मुश्किल हो गया है। सरकार को बढ़ती महंगाई पर लगाम लगाने की जरूरत है। गृहिणी अमरीशा का कहना है कि महंगाई पर कोई लगाम नहीं रह गया है। इस कोरोना काल में दो जून की रोटी भी बड़ी मुश्किल से जुटाना पड़ रहा है। सब्जी तो महंगी चल ही रही दाल भी महंगी हो गई है। घर चलाना मुश्किल हो गया है। गृहिणी मुनेश देवी का कहना है कि अरहर, चना, मटर व उड़द की दाल महंगी हो गई है। सबसे अधिक परेशानी तो रोज कमाने-खाने वालों को हो रही है। सरकार को इस तरफ ध्यान देना चाहिए।
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