पूर्व विधायक सतेंद्र सोलंकी जेल से रिहा होने के बाद रविवार को अपने गांव जीवाना गुलियान पहुंचे। इस दौरान ग्रामीणों व परिवार के सदस्यों ने स्वागत किया। बताया गया कि सतेंद्र सोलंकी इंद्रपाल ढाका हत्याकांड में जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे थे। दिल्ली में कोर्ट ने तीन दिन पहले ही उन्हें इस केस में बरी किया है।
तिहाड़ जेल में बंद थे सतेंद्र सोलंकी
इंद्रपाल ढाका की हत्या के मामले में करीब तीन साल से उम्र कैद की सजा होने के बाद तिहाड़ जेल में बंद पूर्व विधायक सतेंद्र सोलंकी को हाईकोर्ट ने गत सोमवार को बरी कर दिया था। उनकी तिहाड़ जेल से रिहाई हो गई थी। जिसके बाद वे रविवार को अपने जिवाना गुलियान पहुंचे, जहां पर ग्रामीणों और परिवार के सदस्यों ने उनका स्वागत किया।
बता दें कि 1993 में मेरठ में हुई इंद्रपाल ढाका की हत्या के मामले में दिल्ली की पटियाला कोर्ट ने बरनावा से विधायक रहे मूलरूप से जिवाना गुलियान गांव निवासी सतेंद्र सोलंकी को उम्र कैद की सजा सुनाई थी। सतेंद्र सोलंकी ने इस सजा के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। तब से मामले की सुनवाई चल रही थी। गत सोमवार यानी 26 जून को दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें हत्या के मामले से दोषमुक्त कर दिया। उनके दोषमुक्त होने के बाद उनके समर्थकों में काफी खुशी छा गई। इस हत्या के मामले में पूर्व विधायक के भाई पूर्व ब्लाक प्रमुख हरेंद्र सोलंकी को भी नामजद किया गया था। उनकी तिहाड़ जेल में बीमारी के दौरान मौत हो गई थी। जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया था। वहीं, सतेंद्र सोलंकी तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद दिल्ली स्थित अपने मकान पर चले गए थे। जिसके बाद वे रविवार को अपने गांव जिवाना गुलियान पहुंचे, जहां पर ग्रामीणों और परिवार के सदस्यों ने उनका स्वागत किया।
हाईकोर्ट ने किया था बरी
26 साल पहले हुए इंद्रपाल ढाका हत्याकांड में उम्रकैद की सजा पाए पूर्व विधायक सतेंद्र सोलंकी को दिल्ली हाईकोर्ट ने बरी किया था। हत्याकांड में पूर्व विधायक सतेंद्र और उसके भाई हरेंद्र सोलंकी को मई 2019 में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। दोनों पर 20 हजार रुपये का जुर्माना और पीड़ित परिवार को 5-5 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया था। सतेंद्र सोलंकी के भाई हरेंद्र की मौत हो चुकी है।