बाजार से गायब होनी शुरू हो गई हैं दवाइयां
बड़ौत। कोरोना संक्रमण के चलते रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली दवाइयों की मांग बढ़ गई है। मेडिकल स्टोर संचालकों की माने तो इन दवाइयों की मांग कई गुना बढ़ गई है।
सर्दी, जुकाम, बुखार, खांसी होने पर पैरासिटामोल, कैल्शियम, विटामिन सी, विटामिन डी दवाओं के अलावा पल्स ऑक्सीमीटर, वेपोराइजर और खांसी के सिरप की मांग में बेतहाशा वृद्धि हुई है।
डिमांड अधिक होने के कारण कंपनियां दवाएं मुहैया नहीं करा पा रही हैं। इससे कई जरूरी दवाएं निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर बिक रही हैं। विटामिन सी का अभाव हो गया है। कोरोना संक्रमण के चलते लगभग हर घर में सर्दी, जुकाम और बुखार के मरीज मौजूद हैं। प्रति दिन सांस लेने में दिक्कत की शिकायत के चलते लोगों की मौत की खबरें आ रही हैं। लोगों ने कोविड संक्रमण में दी जाने वाली दवाओं को ले जाकर घर पर रख लिया है। इसलिए बाजार में कोविड से जुड़ी दवाओं का भारी अभाव हो गया है। छह सौ रुपये की आक्सीजन नापने वाली आक्सोमीटर लगभग डेढ़ हजार रुपये की मिल रही। यही हाल भाप लेने वाले यंत्र, बुखार मापने वाले थर्मामीटर और आक्सीजन सिलिंडर में लगने वाले रेग्यूलेटर की है।
कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष देवेन्द्र पंवार ने दवा विक्रेताओं से अपील किया है कि वे निर्धारित दर पर ही दवा बेचें। महामारी को अवसर के रूप में न लें। मानवीय आधार पर मरीजों की जान बचाने में सहयोग कर उनकी दुआएं प्राप्त करें।