50 फीसदी बढ़ गई यात्रियों की संख्या, 9200 बहनों ने किया निशुल्क सफर
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। राखी के त्योहार पर अन्य दिनों के मुकाबले यात्रियों की संख्या बढ़ गई। अन्य दिनों के मुकाबले सोमवार को लगभग 50 प्रतिशत अधिक यात्रियों ने यात्रा की। एक ओर जहां परिवहन निगम को करीब आठ लाख की इनकम हुई, वहीं नौ हजार से अधिक बहनों ने निशुल्क सफर किया।
बड़ौत डिपो के संचालन प्रभारी नरेंद्र मान ने बताया कि बड़ौत डिपो के पास निगम की 79 बसें संचालित है, जबकि 26 बसें अनुबंधित संचालित है। इस कोरोना काल में सामान्य दिनों मेें 4 से 5 लाख की इनकम होती थी, लेकिन रक्षाबंधन पर्व पर बहनों के फ्री टिकट के बावजूद आठ लाख की इनकम हुई है। उन्होंने बताया कि दोपहर तक ढाई हजार बहने बसों मेें सफर कर रही थी। शाम तक 9200 बहनों ने रोडवेज में बस में निशुल्क सफर किया। उधर, प्रभारी एआरएम मुकेश अग्रवाल ने बताया कि राखी पर अन्य दिनों के मुकाबले 40 से 50 फीसदी अधिक यात्रियों ने बसों में सफर किया।
ट्रेन सेवा बंद, बसों में रही मारामारी
रक्षाबंधन पर भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए बहनों को बसों में मारामारी की स्थिति का सामना करना पड़ा। दिल्ली-सहारनपुर रेलवे मार्ग पर ट्रेन सेवा बहाल न होने से जहां रेलवे स्टेशन पर सन्नाटा पसरा रहा, वहीं बस स्टैंड पर महिला यात्रियों की भीड़ लगी रही। सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों की किसी ने भी परवाह नहीं की। सबसे अधिक दिक्कत बड़ौत- मुजफ्फरनगर मार्ग, बड़ौत-छपरौली मार्ग, बड़ौत-कोताना मार्ग पर यात्रियों को हुई। स्थिति ऐसी थी कि खड़े होने तक के लिए जगह नहीं थी। उधर, प्राइवेट मार्गों पर भी वाहनों की कमी खली। डग्गामार वाहनों का लोगों ने सहारा लिया।