सात दिवसीय ऋग्वेद पारायण महायज्ञ का शुभारंभ
बिनौली (बागपत)। जिवाना गुलियान के सिद्धगुरुपीठ नीलकंठ आश्रम में शुक्रवार को सात दिवसीय ऋग्वेद पारायण महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। इसमें वैदिक विद्वान आचार्य विनोद कुमार ने कहा कि परमात्मा की भक्ति औषधि के समान है।
लाक्षागृह गुरुकुल बरनावा के आचार्य विनोद शास्त्री ने कहा कि वेद परमात्मा की वाणी है। ऋग्वेद के मंत्रों के उच्चारण से मनुष्य की आत्मिक और भौतिक उन्नति होती है। यज्ञ संसार का सर्वोत्तम कर्म है। यज्ञ में मंत्रोच्चारण के साथ आहुति देने से पर्यावरणीय प्रदूषण दूर होता है साथ ही आत्मिक शुद्धि भी होती है। उन्होंने कहा कि परमात्मा की भक्ति ओर सद्गुरु की प्रेरणा औषधि के समान है। सिद्धगुरु महाराज ने श्रद्धालुओं को धर्म मार्ग पर चलने और परमात्मा की उपासना करने का उपदेश दिया। वरिष्ठ भाजपा नेता एवं हरियाणा शुगर फेडरेशन के पूर्व चेयरमैन चंद्रप्रकाश कथूरिया ने प्रात: धर्म ध्वजा का आरोहण कर आयोजन का शुभारंभ किया। भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने भी आयोजन में आहुति देकर पुण्य अर्जित किया। गुरुकुल लाक्षागृह के आचार्य अमित शास्त्री और अंकुर भारद्वाज ने सस्वर वेदपाठ किया। अश्वनी कुमार सिंह सपत्नीक यज्ञमान रहे।