सपा नेता एवं बाग ठेकेदार काजी अफसार की हत्या के केस में मंगलवार को कड़ी सुरक्षा में बी-वारंट पर आरोपी कोर्ट में पेश हुआ। पुलिस अभिरक्षा में पत्रकारों से बातचीत में उसने चुनाव लड़ने का ऐलान किया।
सपा नेता एवं बाग ठेकेदार काजी अफसार ही हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने नौ जुलाई को रटौल निवासी 50 हजार इनामी इनामी जावेद को गिरफ्तार किया था। उसकी मंगलवार को कोर्ट में पेशी थी।
पुलिस अभिरक्षा में जावेद रटौल ने मीडिया के सामने कहा कि उसने काजी अफसार की हत्या नहीं की है। यदि वह हत्या करता, तो घटना के समय ही उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई होती। उसे तो पुलिस केस में झूठा फंसा रही है। वह तो पिछले 10-12 साल से गांव में रहता भी नहीं है।
उसका कहना है कि उसने किसी से रंगदारी नहीं मांगी है। उसे बदनाम किया जा रहा है। उसका इरादा चुनाव लड़ने का है। दरअसल, काजी अफसार की हत्या की अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। दो-तीन दिन बाद मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया था कि हत्या, ग्राम प्रधान जुनैद फरीदी और उसके बेटे समेत चार लोगों ने की है।
पुलिस की जांच में जावेद रटौल का नाम प्रकाश में आया था। नौ जुलाई को दिल्ली की क्राइम ब्रांच ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। इस दौरान खेकड़ा पुलिस ने दिल्ली पहुंचकर उससे पूछताछ की थी। खेकड़ा पुलिस ने मीडिया को बयान दिया था कि जावेद रटौल ने पूछताछ के दौरान बताया कि उसे ग्राम प्रधान जुनैद फरीदी ने अफसार की हत्या करने के लिए दस लाख रुपये की सुपारी दी थी।
गांव के एक नेता ने भी उसे हत्या के लिए उकसाया था। खेकड़ा थाना प्रभारी सुबोध यादव ने कहा है कि आरोपी जावेद, बी-वारंट पर कोर्ट में पेश हुआ है। उसको रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।
यह था मामला
बागपत। रटौल के सपा नेता एवं बाग ठेकेदार काजी अफसार की 11 अप्रैल 2015 को गांव में ही गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। परिजनों ने अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में ग्राम प्रधान जुनैद फरीदी और उनके बेटे समेत चार लोगों पर हत्या का आरोप लगाया गया था।
कौन है जावेद रटौल
बागपत। पुलिस ने बताया कि आरोपी जावेद रटौल का रहने वाला है। उस पर हत्या, लूट, रंगदारी, जानलेवा हमले के 16 मुकदमे दर्ज हैं। उसने वर्ष 1991 में अपराध की दुनिया में कदम रखा था। उस पर खेकड़ा थाने में वर्ष 1991 में अपहरण, हत्या का मुकदमा दर्ज है। उसके अधिकतर साथी मेरठ के रहने वाले हैं।
कहां पर कितने हैं केस
खेकड़ा - 8
जानी (मेरठ)- 4
चांदीनगर - 2
बिजनौर - 1
धौलाना (हापुड़ ) - 1