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835 करोड़ मिल जाएं तो गन्ना किसान समझेंगे मदद हो गई

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बागपत शुगर मिल - फोटो : BAGHPAT
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बागपत। पश्चिम उत्तर प्रदेश की 12 चीनी मिलों को जिले के एक लाख 18 हजार 360 किसान गन्ने की सप्लाई करते हैं। कोरोना संक्रमण से दुनिया भर में मुश्किल बढ़ी, लेकिन किसान अपनी जान दांव पर लगाकर गन्ना सप्लाई करने के लिए जुटा हुआ है। किसानों की मदद के तमाम दावे किए जा रहे हैं। आंकड़े बताते हैं कि जिले के किसानों के इन 12 चीनी मिलों पर 835 करोड़ 62 लाख रुपये बकाया हैं। शत प्रतिशत भुगतान मिल जाए तो किसान चहक उठेंगे और लॉकडाउन से डूबा बाजार भी खिल उठेगा। गाजियाबाद की मोदीनगर चीनी मिल ने नए सत्र का अभी तक भुगतान भी शुरू नहीं किया है। मलकपुर चीनी मिल ने अभी तक सिर्फ 10.42 प्रतिशत भुगतान किया है।
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भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर का कहना है कि शत प्रतिशत भुगतान ही किसानों की सबसे बड़ी मदद होगी। मुसीबत के इस दौर में सरकार को किसानों की चिंता करनी चाहिए।
सपा जिलाध्यक्ष बिल्लू प्रधान कहते हैं कि अगर वास्तव में सरकार किसान की मदद करना चाहती है तो सिर्फ उसका चीनी मिलों पर चले आ रहे बकाए को दिला दें, बाकी मदद का काम बाद में देखा जाएगा।
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अर्जुन अवार्डी पहलवान और सपा नेता शोकेंद्र तोमर का कहना है कि किसान का अगर भुगतान होगा तो अर्थव्यवस्था की सेहत सुधरेगी। वर्तमान में किसान को भुगतान की जरूरत है।
रालोद नेता अरुण तोमर बॉबी का कहना है कि करीब 30 हजार क्विंटल गन्ना खेतों में खड़ा है। किसान को इंडेंट नहीं मिल रहा है। इसके लिए पर्याप्त इंतजाम किए जाने की जरूरत है।
किस चीनी मिल पर कितना बकाया
चीनी मिल बकाया किया भुगतान प्रतिशत
बागपत 3776.83 74.19
रमाला 9769.32 58.59
मलकपुर 40379.26 10.42
किनौनी 17798.67 16.53
दौराला 88.02 76.15
नंगलामल 50.88 47.22
तितावी 452.49 66
खतौली 128.25 78
भैसाना 5814.95 17
ऊन 2255.43 22.64
बृजनाथपुर 331.32 19.97
मोदीनगर 2717.00 0.00
(नोट: बकाया भुगतान 11 मई तक और लाख रुपये में)
बैंक अपनी मर्जी से नहीं काटेंगे प्रीमियम
बागपत। उप कृषि निदेशक डॉ प्रशांत कुमार ने बताया कि बैंक अब अपनी मर्जी से प्रीमियम की राशि नहीं काट पाएंगे। 12 मई को हुई राष्ट्रीय खरीफ उत्पादक गोष्ठी में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को स्वैच्छिक किए जाने के निर्देश दिए गए है। इसके लिए किसानों को प्रीमियम न काटने के लिए खरीफ में 31 जुलाई से और रबी में 31 दिसंबर से एक सप्ताह पहले बैंक की शाखा में लिखित रूप में देना होगा। लिखित रूप में न देेने पर बैंक प्रीमियम काट लेगा।
खेतों में खड़ा 30 हजार क्विंटल गन्ना
बागपत। जिले के खेतों में अभी भी 30 हजार क्विंटल गन्ना खड़ा हुआ है। किसानों का कहना है कि गन्ना सप्लाई का इंतजाम अधूरा है।
बकाया भुगतान के लिए चीनी मिलों पर दबाव बनाया जा रहा है। किसानों के खेत में गन्ना रहने तक चीनी मिलें पेराई करेंगी। इसके प्रशासन ने पूरे इंतजाम किए हैं। - अनिल कुमार भारती, डीसीओ।
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