बागपत। सिंघावली अहीर थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद आशाओं ने विरोध जताया। रविवार को जिला अस्पताल में धरना प्रदर्शन कर सीएमओ के नाम शिकायती पत्र सौंपा। रिपोर्ट वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा किसी भी कार्यकत्री की गिरफ्तारी हुई तो उग्र आंदोलन होगा।
रविवार को जिला अस्पताल में आशा कार्यकत्री वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले जिले की आशाएं एकत्र हुई। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा पिलाना पीएचसी में शांति पूर्ण आंदोलन चला रही थी, किसी भी तरह का कोई हंगामा और तालाबंदी नहीं की।
इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने जिला प्रभारी और जिलाध्यक्ष समेत 32 आशाओं पर मुकदमा दर्ज कराया। उन्होंने कहा जब तक अपने हक के लिए आंदोलन चला सकती है तो झूठी रिपोर्ट पर इसका विरोध किया जाएगा। यदि किसी भी झूठे मुकदमे में कार्यकत्री को गिरफ्तार किया तो स्वास्थ्य विभाग की ईंट से ईंट बजा दी जाएगी।
आंदोलन जारी रहेगा। प्रदेश में हड़ताल खत्म होने पर उन्होंने कहा अभी तक ऐसा कोई पत्र नहीं मिला है, इसमें हड़ताल करने का आदेश हो। आदेश मिलने पर ही हड़ताल खत्म करेंगे।
आशाओं ने सरकारी विरोधी नारेबाजी और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ हंगामा किया। आशा ने कहा जिला प्रभारी रविंद्र कुमार सहित अन्य आशा कार्यकत्रियों पर दर्ज झूठे मुकदमों को निरस्त करने की मांग की। अवकाश होने के कारण आशाएं सोमवार को सीएमओ का घेराव कर ज्ञापन सौंपेगी।
इसमें जिलाध्यक्ष रीना शर्मा, चंद्रकला, पुष्पा, सीमा, कृष्णा, पिंकी, निशा सिंह, रीतू, डिपल, सविता, कमलेश शर्मा, सुषमा, ममता, सुनीता, सरिता देवी, नसीम, गुलशाना, सोनम, अंजिल, रानी, बिमला, राजेश, अमरीता, मोनिका, मीनाक्षी, परवीन, मुनेश, कपिला, बेबी, शिमला, दिखुश, बीना, शकुंतला, सारिका, संतोष, महेश, निर्मल, कोमल आदि रही।