ये है विवाद
हाईवे निर्माण कर रही कंपनी ने सड़क के दोनों ओर 13-13 मीटर अधिग्रहण के लिए निशानदेही की है। कस्बे के लोगों का कहना है कि सरकारी जमीन 10-10 मीटर ही है। वर्ष 1963-64 में चकबंदी के अभिलेख मौजूद हैं।
भूलेख के अनुसार व्यापारी दस-दस मीटर जमीन देंगे। अगर 13 मीटर जमीन ली जाती है तो व्यापारियों को मुआवजा देना चाहिए। ठेकेदार कंपनी मुआवजा देने से बच रही है। इससे कस्बे के करीब 250 लोग प्रभावित होंगे।
निर्माण कार्य रुकवा चुके है दुकानदार
अग्रवाल मंडी टटीरी के नागरिक लगातार अधिग्रहण का विरोध कर रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि नियमानुसार अधिग्रहण होना चाहिए। व्यापारी बर्बाद हो जाएंगे। जनप्रतिनिधियों के समक्ष भी वह समस्या रख चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है। निर्माण कार्य भी रुकवा चुके है।