खेकड़ा के जंगल में जलमग्न हुई किसानों की गेंहू और गन्नें की फसलें। संवाद
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खेकड़ा। मीतली रजबहे की पटरी टूटने से किसानों की गेंहू और गन्ने की सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई। किसानों ने सिंचाई विभाग पर पटरी की मरम्मत कराए बिना ही पानी छोड़ने का आरोप लगा डीएम से समस्या के समाधान की मांग की।
मंगलवार की रात कस्बे के जंगल में मीतली रजबहे की पटरी टूट गई। पटरी टूटने से मोहल्ला औरंगाबाद के रहने वाले किसानों के खेत पानी से लबालब हो गए। पानी भरने से किसानों की गेहूं और गन्ने की सैकड़ों बीघा फसल डूब गई। बुधवार सुबह खेत मेें पहुंचने पर किसानों को पटरी टूटकर खेत जलमग्न होने का पता लगा। किसान धर्मबीर सिंह, गिरिराज, भोपाल सिंह, कौशल धामा, कृष्णपाल, अजीत धामा, जगमेहर, हरेंद्र धामा ने कहा कि सिंचाई विभाग ने मीतली रजबहे की क्षतिग्रस्त पटरी की मरम्मत कराए बिना ही पानी छोड़ दिया।
इससे उनकी फसल जलमग्न होकर नष्ट होने के कगार पर है। दो दिन पहले मुबारिकपुर गांव के जंगल में भी पटरी टूटने से किसानाें की सैंकड़ों बीघा फसल जलमग्न हुई थी। किसानों ने डीएम से समस्या का समाधान कराने की मांग की है। एसडीएम ज्योति शर्मा के अनुसार समस्या का समाधान कराया जाएगा।