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यमुना खादर में बना दिए मकान, दिखा दिए शहर में

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बागपत के यमुना खादर में पीएम आवास योजना से बने मकान पर लगी मुगलपुरा मोहल्ले की प्लेट - फोटो : BAGHPAT
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यमुना खादर में बना दिए मकान, दिखा दिए शहर में
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जंगलों और यमुना खादर में बनाए मकानों पर भी मोहल्ला देशराज और ठाकुरद्वारा लिखी प्लेट लगीं
बागपत। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में डूडा ने न सिर्फ अमीरों को योजना का लाभ दे दिया, बल्कि मकान भी यमुना खादर व जंगलों में बनवाकर कागजों में देशराज मोहल्ला व ठाकुरद्वारा में दिखा दिए। यमुना खादर व पाली के पास जंगल में बनवाए गए मकानों पर लगी प्लेट से इसकी पोल खुली है। जबकि पात्र गरीब लोगों को पिछले दो साल से चक्कर कटवाए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में केवल नगर पालिका व नगर पंचायतों के क्षेत्र में मकान बनवाए जा सकते हैं। इस योजना के तहत यमुना खादर में बनवाए गए एक मकान पर लगी प्लेट पर मोहल्ला मुगलपुरा लिखा हुआ है, जबकि वहां आसपास मुगलपुरा की कोई आबादी ही नहीं है। इस तरह यमुना खादर में बनाए गए तीन मकानों पर मोहल्ला देशराज लिखा है। वहां से मोहल्ला देशराज की दूरी करीब डेढ़ किमी है। पाली गांव के पास खेतों में बनाए गए मकान को मोहल्ला ठाकुरद्वारा में दिखाया गया है, जो वहां से करीब दो किमी दूर है। चौहानान मोहल्ले में मकान बना हुआ है, मगर उस पर दिल्ली रोड पेट्रोल पंप के पास लिखा हुआ है। इस तरह से यमुना खादर व जंगलों में मकान बनवाकर आबादी क्षेत्र में दिखाकर सरकार का ढाई-ढाई लाख रुपया लुटाया गया है।
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दो साल से 40 किमी का चक्कर काट रहे लोग
योजना के पात्र लोग दो साल से 40 किमी दूर से आकर चक्कर काट रहे हैं। माता कालोनी की रहने वाली रिजवाना पत्नी नूरदीन ने दो साल पहले फार्म भरा था। उसके मकान के दो बार फोटो खींचे जा चुके हैं। रिजवाना ने बताया कि वह अभी करीब 30 चक्कर डूडा कार्यालय के लगा चुकी है। हर बार उसे टरका दिया जाता है। दोघट की विमला देवी के नाम से आवेदन किया गया था। उनके पति सुरेश चंद भी दो साल से लगातार 40 किमी दूर डूडा कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। आरोप है कि जब वह पूछते हैं कि उनका मकान बनवाने के लिए किस्त कब मिलेगी, तो कर्मचारी अभद्रता करते हैं।
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वर्जन
हम सभी फार्म जमा करने वालों की जांच कराते हैं। उसके बाद ही योजना का लाभ दिया जाता है। लेकिन जहां कागजों में दिखाया गया है, वह उसी जगह बनाया जाना चाहिए। ऐसा कोई नियम नहीं है कि पास किसी जगह पर कराया जाए और निर्माण दूसरी जगह पर कराया जाए। इस मामले को दिखवाया जाएगा। - रजनी पुंडीर, परियोजना निदेशक डूडा
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