खेकड़ा। पोलियो से वर्षों से लड़ रही ट्राइवेलेंट पोलियो वैक्सीन को मंगलवार से सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों से हटाकर नष्ट कर दिया। प्राइवेट क्लीनिकों के चिकित्सकों ने इसको अपने पास न होने व भविष्य में इसका इस्तेमाल न करने का शपथ पत्र भी मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में जमा कराया।
देश में पोलियो के उन्मूलन की घोषणा हो चुकी है। पोलियो के पी-1 पी-2 व पी-3 वायरस से लड़ने के लिए प्रतिवर्ष चले अभियान में बच्चों को बाइवेलेंट ओरल पोलियो वैक्सीन पिलाई जाती थी। सोमवार को स्वीच दिवस के साथ अब बाइवेलेंट ओरल पोलियो वैक्सीन यानि बीओपीवी ने ट्राइवेलेंट ओरल पोलियो वैक्सीन यानि टीओपीवी का स्थान ले लिया।
जिला इम्यूनाईजेशन आफिसर डॉ. नीरज त्यागी ने बताया अब सभी सरकारी प्रतिरक्षण कार्यक्रम, निजी क्लीनिक और नर्सिंग होम के लिए अनिवार्य होगा कि वह केवल बीओपीवी का ही उपयोग करें। मंगलवार को अभियान चलाकर जिले भर की सीएचसी, पीएचसी से टीओपीवी को हटा दिया। प्राइवेट क्लीनिकों के संचालक चिकित्सकों से शपथ पत्र लिया वह अब केवल बीओपीवी का ही प्रयोग करेंगे।