बड़ौत। बड़ावद गांव के राजेंद्र का परिवार टूटे छप्पर के नीचे रहने के लिए मजबूर है। वह प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कई बार आवेदन कर चुका है, लेकिन पक्के मकान का सपना पूरा नहीं हुआ। जौहड़ी गांव की पुष्पा का मकान भी कच्चा है। उनका मकान भी आज तक सरकारी योजना से नहीं बन सका। इन्होंने पक्के मकान का सपना देखा और ठगों के चंगुल में फंस गए। उन्होंने पांच-पांच हजार रुपये लिए और गायब हो गए। मकान की नींव रखी नहीं गई मगर भरोसा जरूर टूट गया।
इस तरह से केवल राजेंद्र और पुष्पा के साथ ही नहीं हुआ है। जिले में इस तरह से पक्के मकान का सपना दिखाकर 50 गांवों में 350 से अधिक लोगों से साढ़े 17 लाख रुपये ठगे गए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों का पक्का आवास बनवाने के नाम ठगी करने के लिए ठग गांव-गांव पहुंचे।
जिन परिवारों के घर कच्चे या टूटे मिले, उन्हें योजना में नाम शामिल कराने और आवास मंजूर होने का भरोसा दिया। खुद को अधिकारी बताकर विश्वास जीता। इसके बाद फाइल तैयार कराने के नाम पर 4500 रुपये और आने-जाने के खर्च के नाम पर 500 रुपये प्रति व्यक्ति वसूले गए। करीब दो महीने तक यह सिलसिला चलता रहा, लेकिन संबंधित अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी।
इन गांवों के यह लोग बने शिकार
जौहड़ी की रामेश्वरी और पुष्पा, पलड़ी के रितेश और सत्तो, बामनौली के बालेश, जेवेंद्र, नीरज, कल्लू, खेड़ा हटाना के मोहित, काला, सुनील से रुपये ठगे गए। रठौड़ा के सागर, वीरेंद्र, प्रताप, आंसु, अनुज और रामबीर, बड़ावद के बाला, राजेंद्र, दीपा और महावीर, सिनौली के अनुज और अमरदीप को ठगी का शिकार बनाया गया। बड़ौत के अमरपाल, नवीन, दीपक, सोनू तथा बिजरौल के कपिल, प्रवेश, रकमबीर, राहुल समेत अन्य से रुपये ठगे गए। इनमें मजदूर, हलवाई, राजमिस्त्री समेत अन्य लोग शामिल हैं।
केस-एक
दो आवास मंजूर होने की बात कहकर ले गए पांच हजार
रठौड़ा की संतोष ने बताया कि एक महीने पहले पांच लोग आए। इनमें दो महिलाएं भी शामिल थीं। उन्होंने गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत दो मकान मंजूर होने की बात कही। योजना में नाम शामिल कराने का भरोसा देकर पांच हजार रुपये ले लिए। पक्का मकान मिलने की उम्मीद में रकम दे दी, लेकिन इसके बाद न कोई आवास मिला और न रकम वापस हुई। उनका मोबाइल नंबर भी नहीं मिलता है।
केस- दो
पक्के घर की आस में दे दिए रुपये
बड़ावद के ओमी का कहना है कि मकान कच्चा है और छत भी जगह-जगह से टूटी हुई है। कई बार आवेदन के बाद भी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभ नहीं मिला। इसी बीच कुछ लोग घर आए और पक्का मकान बनवाने का भरोसा देकर 4500 रुपए ले गए।
केस-तीन
मजदूरी से घर चलाया, पक्की छत की उम्मीद में चार हजार गंवाए
बड़ौत के अमरपाल ने बताया कि मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करता हूं। कच्चे मकान की दीवारें जगह-जगह से टूट चुकी हैं और सिर पर पक्की छत नहीं है। डेढ़ महीने पहले कुछ लोग प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने का भरोसा देकर पांच हजार रुपये ले गए। अब उनका कुछ पता नहीं है।
वर्जन
प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर लोगों से लाखों रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। मामले की जांच बीडीओ बड़ौत को सौंपी है।
-बालकृष्ण सिंह, एसडीएम बड़ौत
वर्जन
प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर ठगी किए जाने की शिकायत की जांच एसडीएम ने मुझे सौंपी है। ठगी करने वालों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही जांच पूरी करके आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-सहेंद्र, बीडीओ बड़ौत