बागपत जेल से पेशी पर आए बंदियों से उनके परिजनों ने न केवल बातचीत की, बल्कि प्रतिबंधित सामान भी दिया। पुलिस यह नजारा अपनी आंखों से देखती रही। किसी पुलिसकर्मी ने भी उन्हें रोकने या टोकने की जरूरत नहीं समझी।
कचहरी में बंदियों को सामान देने को लेकर कई बार बवाल हो चुका है। हिस्ट्रीशीटर उधम सिंह करनावल का शूटर सोनू टीकरी और राहुल खट्टा के भाई राजू से कचहरी हवालात में पुलिस अफसरों ने मोबाइल पकड़ा था। उसके बावजूद पुलिस ने सबक नहीं लिया। पिछले माह एक युवक बंदी को नींद की गोली देते हुए पकड़ा गया था।
राजू खट्टा को उसका एक परिचित मोबाइल देते हुए पकड़े गया था। इससे पहले भी कई बार सामान देने का खुलासा हो चुका है। इसके बावजूद पुलिस जरा भी गंभीर नहीं हो रही है। मंगलवार को चौंकाने वाला नजारा देखने को मिला। हवालात गाड़ी में बैठे बंदी से उसके परिचितों ने कचहरी की दीवार में बने छोटे से आले से खूब बातें की।
इतना ही नहीं उसको प्रतिबंधित सामान भी दिया। पुलिस वाले आराम से वहां पर बैठे रहे। किसी ने उन्हें टोका तक नहीं। एएसपी विद्या सागर मिश्र का कहना है कि कचहरी में सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल लगाया गया है। इस मामले की जांच कराई जाएगी।