बागपत। शुक्रवार को तापमान 41 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। गर्मी व लू ने लोगों को झुलसा कर रख दिया। सबसे ज्यादा परेशानी शाम को पांच मिनट के लिए हुई बूंदाबंदी ने बढ़ा दी। इसके बाद उमस बढ़ गई और एक्यूआई भी 250 से ऊपर पहुंच गया। गर्मी को देखते हुए चिकित्सक भी बचाव की सलाह दे रहे है। ऐसे में त्वचा रोग व डायरिया के मरीज भी बढ़ने शुरू हो गए है।
गर्मी अधिक होने के कारण दिन निकलते ही शरीर तप रहा है। तेज धूप में लोगों का पसीना छूट रहा है। पिछले कई दिन से तापमान में लगातार बढ़ोतरी होने के कारण लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। जरूरी काम से ही लोग घरों से बाहर निकलते है। दोपहर में मुख्य मार्गों व बाजारों में लोगों की आवाजाही कम हो रही है। वहीं शुक्रवार को शाम पांच बजे के करीब पांच मिनट के लिए हुई बारिश से उमस हो गई है और इससे लोगों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। अधिकतम तापमान 37 डिग्री से बढ़कर 41 डिग्री तक पहुंच गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अभी गर्मी अधिक होने का अनुमान है।
त्वचा व डायरिया के बढ़ रहे मरीज
चिकित्सक डॉ. राज सिंह ने बताया कि तेज धूप और लू लगने पर तेज बुखार के साथ डायरिया की परेशानी बढ़ रही है। बच्चे भी डायरिया का शिकार हो रहे है। जिला अस्पताल में रोजाना सौ से अधिक बच्चे डायरिया से पीड़ित आ रहे है। चिकित्सक डाॅ. विक्रांत चौबे ने बताया कि गर्मी के कारण त्वचा के मरीज बढ़ रहे है और रोजाना से 80 से अधिक मरीज त्वचा के आ रहे है। उनके शरीर पर दाने होने के कारण परेशान हो रहे है। उनका कहना है कि गर्मी से बचाव के लिए अधिक से अधिक पेय पदार्थों का सेवन करने, फल और हरी सब्जी का सेवन करना चाहिए।
भीषण गर्मी से सूख रहीं फसलें, किसान परेशान
अधिक तापमान होने से फसलों और सब्जियों पर व्यापक असर पड़ने लगा है। ज्वार, मक्का व सब्जी बैंगन, टमाटर, भिंडी, ककड़ी, फूल व बंदगोभी, लौकी, खीरा आदि फसलें प्रभावित होने लगी हैं। किसानों का कहना है कि अधिक गर्मी से गोभी के पत्ते व फूल सूखने लगे है। ऐसे में किसानों को परेशानी हो रही है। जिला कृषि अधिकारी बाल गोविंद यादव ने बताया कि फसलों पर गर्मी का अधिक असर पड़ रहा है।