बागपत। रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने के मामले में पकड़े गए पिता-पुत्र की जमानत अर्जी पर शुक्रवार को अदालत में सुनवाई नहीं हो सकी। अदालत ने केस की सुनवाई की अगली तिथि 14 जून तय की है।
बागपत पुलिस ने राष्ट्र वंदना चैक पर एक्सयूवी गाड़ी में 19 मई को 60 इंजेक्शन रेमडेसिविर पकड़े थे। मनमोहन व उसके बेटे मुकुंद निवासी गांधी कालोनी, नई मंडी मुजफ्फरनगर व बिशन निवासी सलेमपुर चौक रानीपुर हरिद्वार को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने 20 मई को तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया था। उनको न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया था। दूसरी तरफ लखनऊ लैब में इंजेक्शनों के आठ नमूनों को जांच के लिए भेजा गया था। लैब रिपोर्ट से पुष्टि हुई कि इंजेक्शन नकली है। मुकदमे में नकली इंजेक्शन सप्लाई करने की धारा की बढ़ोतरी की जा चुकी है। पुलिस केस की विवेचना कर रही है। उधर, मनमोहन व मुकुंद की जमानत के लिए अदालत में अर्जी दाखिल की गई थी। शुक्रवार को जमानत अर्जी पर अदालत में सुनवाई होनी थी। डीजीसी सुनील पंवार ने बताया कि केस के आरोपियाें की जमानत अर्जी पर अदालत में सुनवाई नहीं हो सकी। अदालत ने केस की सुनवाई की अगली तिथि 14 जून नियत की है।
किशोरी समेत दो महिलाओं से छेड़छाड़
बागपत। बागपत कोतवाली क्षेत्र एक गांव की महिला ने बताया कि उसकी 16 वर्षीय बेटी दो जून की दोपहर करीब दो बजे घर पर कार्य कर रही थी। इसी दौरान गांव के ही एक युवक ने मकान में पहुंचकर बेटी के साथ छेड़छाड़ की। विरोध करने पर गाली-गलौज कर मारपीट की। उसने आरोपी युवक के खिलाफ कार्रवाई की मांग है। इसके अलावा क्षेत्र के एक कस्बा के व्यक्ति ने बताया कि उसकी पत्नी के साथ दो युवकों ने छेड़छाड़ की। जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए मारपीट की। घटना की पुलिस से शिकायत की गई।
हादसे में महिला कांस्टेबल घायल
बागपत। बागपत कोतवाली की कोविड-19 हेल्प डेस्क पर तैनात महिला कांस्टेबल भावना बृहस्पतिवार शाम स्कूटी से ड्यूटी करके पुलिस लाइन स्थित आवास पर जा रही थी। रास्ते में अज्ञात वाहन ने स्कूटी में टक्कर मार दी। हादसे में कांस्टेबल भावना गंभीर रूप से घायल हुई। उसका मेरठ अस्पताल में उपचार चल रहा है।