- मरीजों को दलालों के चंगुल से बचाने के लिए उठाया गया कदम, मरीजों को पता चलेगा कौन है स्वास्थ्यकर्मी
- ड्रेस कोड व आईडी के साथ नहीं मिलने पर स्वास्थ्य कर्मियों पर होगी कार्रवाई, समिति का किया जाएगा गठन
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिला अस्पताल व सरकारी अस्पतालों में दलालों के चंगुल से मरीजों को बचाने के लिए ड्रेस कोड जारी कर दिया गया है। अब ड्रेस कोड व आईडी के साथ स्वास्थ्य कर्मी नजर आएंगे। यदि कोई बिना ड्रेस व आईडी कार्ड के ड्यूटी पर नजर आया तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी सहित सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल टीम, वार्ड बाॅय, सुरक्षा कर्मियों सहित सभी कर्मचारियों को निर्धारित ड्रेस व अपने पहचान पत्र के साथ ही ड्यूटी पर तैनात रहना होगा। इसे बृहस्पतिवार से लागू कर दिया गया है। अभी तक अस्पताल में आने वाले मरीजों को परेशानी होती है। वह समझ नहीं पाते हैं कि कौन चिकित्सक है और कौन सुरक्षा कर्मी। दवाई देने के लिए किसकी ड्यूटी लगी है और अस्पताल में कौन दलाल घूम रहा है। यहां कई बार दलालों के चंगुल में मरीज फंस चुके हैं और दलाल उनका उपचार जल्दी कराने के एवज में रुपये लेकर भाग चुके हैं।
दलालों की बढ़ती सक्रियता को समाप्त करने के लिए डीएम अस्मिता लाल ने नई व्यवस्था लागू की है। सभी कर्मचारियों का ड्रेस और पहचान पत्र के साथ ही ड्यूटी पर पहुंचना अनिवार्य कर दिया है। यदि कोई नियमों का पालन नहीं करता है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीएम अस्मिता लाल ने कहा कि इससे स्वास्थ्य कर्मियों की जवाबदेही बढ़ जाएगी और स्वास्थ्य सेवाओं में भी सुधार होगा। उन्होंने कहा कि यह कदम मरीजों के साथ अस्पताल के स्टाफ के व्यवहार और सेवा भावना पर भी सकारात्मक प्रभाव डालेगा। बताया कि इसके लिए समिति का भी गठन किया है, जो समय-समय पर यह जांच करेगी कि कर्मचारी निर्धारित यूनिफॉर्म और पहचानपत्र के साथ ड्यूटी पर उपस्थित हैं या नहीं। समिति अपनी रिपोर्ट देगी और उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।