स्वास्थ्य विभाग ने माना, बौढ़ा गांव में हेपेटाइटिस
छपरौली (बागपत)। बौढ़ा में हेपेटाइटिस सी फैलने को लेकर अब तक हिलाहवाली कर रहे स्वास्थ्य विभाग ने अब मान लिया है कि कई मरीजों में इसके लक्षण दिख रहे हैं। ऐसे मरीजों की स्क्रीनिंग हर हाल में की जाएगी। कैंप में अब तक 312 मरीजों ने जांच कराई है। जिनमें से 250 के खून के नमूने जांच के लिए लिए भेजे गए हैं।
बृहस्पतिवार को शिव मंदिर बौढ़ा में स्वास्थ्य विभाग ने कैंप लगाया। छपरौली सीएचसी अधीक्षक डॉ अजेंद्र सिंह मलिक, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ नीरज त्यागी, डॉ श्रवण कुमार, फार्मेसिस्ट वीरेंद्र कुमार, जितेंद्र कुमार, सचिन मलिक, नितिन कुमार, संदीप कुमार, सरला और प्रियंका ने ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की। इसमें कई कुछ मरीजों में हेपेटाइटिस सी के लक्षण मिले हैं। इसकी विस्तृत जांच के लिए नमूने लिए गए हैं। कैंप में 312 मरीजों की जांच कर 250 के रक्त के नमूने लिए गए हैं। गांव में दो दिन बाद कैंप लगाया जा रहा है। सीएचसी अधीक्षक का कहना है कि पूरे गांव को कवर किया जाएगा। इसके लिए अब एक और कैंप की व्यवस्था की जाएगी। ग्रामीण जयवीर सिंह गुर्जर, राजू, वीरेंद्र कुमार, रामभज प्रधान ने गांव में एक सप्ताह तक लगातार कैंप का आयोजन किए जाने की मांग रखी है।
पहले सीएचसी और फिर मेरठ में जांच
छपरौली। हेपेटाइटिस सी के लक्षण वाले मरीजों को स्वास्थ्य विभाग ने चिन्हित कर लिया है। ऐसे मरीजों को पहले सीएचसी छपरौली में जांच के बाद संभावना नजर आने पर मेरठ मेडिकल कॉलेज में रेफर किया जाएगा। सीएचसी अधीक्षक का कहना है कि एलीसा और पीसीआर से जांच की सुविधा मेरठ में उपलब्ध है।
बौढ़ा में कैसे फैल गई बीमारी
छपरौली। स्वास्थ्य विभाग अब हेपेटाइटिस सी से ग्रामीणों को बचाने के लिए एहतियात के तौर पर जागरूक कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग भी अब तक इस बात की पड़ताल नहीं कर पाया है कि आखिर इस बीमारी ने गांव को अपनी चपेट में कैसे ले लिया। जिन लोगों को यह बीमारी हैं, वह अलग-अलग परिवारों से संबंध रखते हैं। उम्र का अंतर भी ज्यादा है। संक्रमित सुई से भी एक साथ यह बीमारी नहीं फैली। सीएचसी अधीक्षक का कहना है कि कारण जानने के प्रयास किए जा रहे हैं।
गंदगी का अंबार, नल से निकल रहा दूषित पानी
छपरौली। गांव में कई जगह गंदगी के अंबार लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि हैंडपंप दूषित पानी दे रहे हैं। काजल, ग्रामीण विजेंद्र सत्यवीर जयवीर पंकज हरबीर जितेंद्र ने बताया कि गांव में सफाई की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। रामदिया ने बताया कि उनकी गली में कई वर्षों से सफाई हुई ही नहीं हुई। वह अपने स्तर पर सफाई करते हैं। सरकारी नल का सरकारी स्तर पर रिबोर नहीं किया गया है। वह अपने खर्चे पर सरकारी नल को रिबोर कराते हैं। सरकारी नल का पानी कुछ देर बर्तन में रख पर लाल रंग का हो जाता है। सफाई के अभाव में गांव का तालाब दलदल का रूप ले चुका है। ग्राम प्रधान पति संदीप कुमार ने बताया कि गांव में वे नियमित रूप से सफाई करवाते हैं। जिन नलों का पानी पीने योग्य नहीं है उनको रिबोर कराया जा रहा है।
बौढ़ा में हालात नहीं सुधरे तो सीएमओ से मांगेंगे जवाब
छपरौली। सपा जिलाध्यक्ष बिल्लू प्रधान कार्यकर्ताओं के साथ बौढ़ा गांव पहुंचे। उन्होंने कहा कि गांव में हालात ठीक नहीं है। ग्रामीण समस्याओं से जूझ रहे हैं। खुद स्वास्थ्य विभाग ने हेपेटाइटिस सी की संभावना जताई है। मरीज भी गांव में मिल चुके हैं, ऐसे में इलाज और सभी सुविधाओं युक्त कैंप गांव में ही लगाया जाना चाहिए। छपरौली या मेरठ किसी मरीज को नहीं बुलाया जाना चाहिए। एलान किया कि अगर हालात नहीं सुधरे तो सीएमओ का घेराव किया जाएगा। छपरौली सभासद तहसीन, प्रधान राजू भाटी, ललित जैन, राधे गुर्जर, रविंद्र चौधरी, सुशील नैन, नीरज शर्मा और राजू पहलवान मौजूद रहे।