बागपत में हरियाणा-यूपी सीमा की पैमाइश शुरू होने के साथ विवाद शुरू हो गया है। ग्राम फैजपुर निनाना के किसानों की 168 हेक्टेयर जमीन हरियाणा में पहुंच चुकी है। इसे आज तक किसानों ने नाम नहीं चढ़ाया गया है, अभी तक नो मैंस मानकर धीरे-धीरे हरियाणा के किसानों के नाम चढ़ाया जा रहा है। जबकि हरियाणा के अधिकारी यूपी में अपने किसानों की जमीन बता रहे हैं।
यमुना खादर में रेत खनन के विरोध में हुए हंगामे के बाद हरियाणा और यूपी के अधिकारियों ने किसानों और पुलिस की मौजूदगी में बृहस्पतिवार को फैजपुर निनाना में पैमाइश शुरू की। पैमाइश शुरू होते ही हंगामा होने लगा। बागपत के लेखपालों ने पैमाइश के बाद पिलर लगा दिए। इसमें 168 हेक्टेयर भूमि फैजपुर निनाना के किसानों की हरियाणा सीमा में पहुंच गई। सूत्रों के अनुसार दीक्षित अवार्ड के बाद 1987 में फैजपुर निनाना के किसानों की 168 हेक्टेयर भूमि हरियाणा में चली गई थी।
उसी समय किसानों ने नाम हरियाणा के अधिकारियों को दे दिए थे, लेकिन हरियाणा सरकार आज तक किसानों के नाम नहीं चढ़ाया। उसमें कुछ सरकारी भूमि भी शामिल है। इसके चलते उस भूमि को नो मैंस भूमि कर दिया। यही नहीं नो मैंस भूमि बताकर अधिकारी उस भूमि में हरियाणा के किसानों ने नाम दर्ज कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार पैमाइश के दौरान हरियाणा के अधिकारियों द्वारा दिखाए गए नक्शे से इस मामले का खुलासा हुआ। उधर, हरियाणा के अधिकारी बागपत की सीमा में हरियाणा के किसानों की जमीन बता रहे हैं। इससे मामला पेंचीदा होता जा रहा है। हालांकि अभी पैमाइश कुछ दिन और चलेगी।
बंदोबस्त नहीं हो सका है भूमि का
उपजिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने कहा हरियाणा के लेखपाल पैमाइश कर यूपी की सीमा के काफी अंदर तक आ गए हैं। जबकि फैजपुर निनाना के किसानों की 168 हेक्टेयर भूमि हरियाणा में है, उसे अब तक किसानों ने नाम दर्ज नहीं किया। उस जमीन को नो मैंस भूमि दिखाकर उसको धीरे-धीरे हरियाणा के किसानों ने नाम चढ़ाया जा रहा। हरियाणा के अधिकारियों ने बागपत के किसानों की हरियाणा में गई भूमि का बंदोबस्त नहीं किया है। इस कारण पैमाइश में काफी मुश्किलें आ रहीं हैं। मामला लंबा खिंचने के आसार हैं।
खनन को लेकर दोनों राज्यों में विवाद
ग्राम फैजपुर निनाना के यमुना खादर में हरियाणा के सोनीपत जिले की ओर से रेत का खनन किया जा रहा था। अधिकारियों ने कहा हरियाणा से रेत खनन का पट्टा दिया, लेकिन फैजपुर निनाना के लोगों ने रेत का खनन हरियाणा की बजाय उनके गांव की सीमा में करने का आरोप लगा हंगामा खड़ा कर दिया। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर खनन रुकवा दिया था। इससे तनाव व्याप्त हो गया।
बैठक खत्म होते ही पहुंचे अधिकारी
सीमा विवाद के चलते किसानों द्वारा रेत खनन रोकते ही सोनीपत में बागपत और सोनीपत के अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में निर्णय लिया गया था कि गुरुवार से दोनों जनपदों के अधिकारी संयुक्त टीम के साथ पैमाइश कराएंगे। बैठक समाप्त होने के बाद बागपत के अधिकारी तो अपने घर बैठ गए, जबकि हरियाणा के अधिकारी बैठक के तुरंत बाद ही पैमाइश करने पहुंच गए। निनाना के लोगों का आरोप है बुधवार को ही सोनीपत के अधिकारियों ने यूपी की सीमा में पैमाइश कर खंभे लगा दिए। जबकि बागपत के अधिकारी गुरुवार को सुबह पैमाइश करने पहुंचे।