दस गांव के ग्रामीण परेशान बागपत से चमरावल-मुरादनगर मार्ग पर बसों का संचालन न होने से
बागपत और बड़ौत पढ़ने वाले छात्र को भी डग्गामार वाहनों में सफर करने के लिए मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
चांदीनगर। बागपत से चमरावल-मुरादनगर मार्ग पर बसों का संचालन न होने से करीब दस गांवों के ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बागपत और बड़ौत पढ़ने जाने वाले छात्र-छात्राओं को भी डग्गामार वाहनों के सहारे सफर करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। हालात ऐसे है कि डग्गामार वाहनों में खिड़कियों और छत पर बैठकर सफर करना पड़ता है। कई बार मार्ग पर बसों का संचालन कराने की मांग की जा चुकी है, मगर समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
मनमानी करते है डग्गामार वाहन चालक
डग्गामार वाहन चालक मानक से अधिक सवारी लेकर चलते है, जिससे हादसा होने का डर लगा रहता है। डग्गामार वाहन चालक अपनी मननानी करते है और मनचाहा किराया वसूलते है।
इन गांव के लोगों को उठानी पड़ रही परेशानी
मार्ग पर बसों का संचालन बंद होने से अहेड़ा, दुड़भा, पाबला, खट्टा प्रह्लादपुर, पांची, ढिकौली, कहरका, चमरावल, ललियाना, रटौल, मेहरमपुर सहित अन्य कई गांव के लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
मार्ग पर कई साल से बंद है बस सेवा
कई साल से बस सेवा बंद है। लोगों को डग्गामार वाहनों के सहारे सफर करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी नौकरीपेशा लोगों और कालेज में पढ़ाई करने के लिए जाने वाले छात्र-छात्राओं को उठानी पड़ती है। - शशांक त्यागी, चमरावल
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कई बार उठाई मांग नहीं हुआ समाधान
कई साल पहले बागपत से ललियाना होते हुए मुरादनगर तक प्राइवेट बसों को संचालन होता था। प्राइवेट बस बंद होने के बाद मार्ग पर फिर बस सेवा शुरू नहीं हुई। कई बार बस सेवा फिर से शुरू कराने की मांग की जा चुकी है, मगर समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। - नासिर, ग्राम प्रधान पांची
बागपत से मुरादनगर का परमिट न होने के कारण इस मार्ग पर बसों का संचालन नहीं हो रहा है। बड़ौत डिपो में बड़ौत से चमरावल तक के दो परमिट है। सुबह के समय बड़ौत डिपो से चमरावल तक दो बसें चलाई जा रही है। - नरेंद्र मान, बड़ौत डिपो प्रभारी