बागपत। तालाबों पर करोड़ों रुपये खर्च करके खोदाई कराकर भूजल स्तर बेहतर करने के लिए अमृत सरोवर बनाए गए। मगर अमृत सरोवरों की झाड़ियों व कूड़े के नीचे सरकार के करोड़ों रुपये दब गए हैं। अमृत सरोवर में तब्दील किए गए तालाब चंद महीनों में पूरी तरह से बदहाल हो गए हैं। अब केंद्रीय एजेंसी की टीम जांच करेगी।
जिले का भूजल स्तर नीचे जाने पर बागपत और पिलाना ब्लाक का अटल भूजल योजना में चयन किया गया। जहां भूजल स्तर ऊपर उठाने के लिए तालाबों की खोदाई कराने और उनको अमृत सरोवर बनाने के साथ अन्य कार्य कराने पर करीब 50 करोड़ रुपये बजट जारी किया गया। अटल भूजल योजना से जिन गांवों में तालाबों पर रुपये खर्च किए गए, उनमें अधिकतर की हालत बदतर हो गई है। यह भी केवल चंद महीनों की स्थिति है और सरकार के करोड़ों रुपये तालाबों की गंदगी में दबकर रह गए हैं।
ट्योढ़ी में सोख समुद्र से अटा तालाब
भूजल स्तर ऊंचा उठाने के लिए तालाबों पर बजट खर्च किया गया, लेकिन इसके बाद भी ट्योढ़ी गांव का तालाब सोख समुद्र से अटा हुआ है। जहां साफ-सफाई भी नहीं कराई गई। तालाब के किनारों पर भी बड़ी बड़ी झाडियां उगी हुई हैं।
ढिकौली में तालाब की खोदाई हुई, मगर कूड़ा भरा
ढिकौली गांव के तालाब का अटल भूजल योजना में चयन होने पर सुंदरीकरण कराया गया। जहां गांव के पानी से भूजल स्तर ऊंचा उठाने पर काम किया गया, लेकिन तालाब में गांव के कूड़े की पॉलीथिन से लेकर अन्य कचरा डाला गया है।
धनौरा सिल्वरनगर में कूड़े से अटा तालाब
धनौरा सिल्वरनगर गांव में अटल भूजल योजना में चयनित तालाब पर गांव का कूड़ा डाला जा रहा है। बताया कि गांव के कूड़े से तालाब के किनारे अट गए हैं। जिसके चलते तालाब भी गंदगी से अटा हुआ है। तालाब में बड़ी बड़ी घास उग गई है और वहां खुदाई भी नहीं कराई गई।
पिलाना के तालाब में झाड़ियां, किनारों पर कूड़ा
अटल भूजल योजना में चयनित पिलाना गांव के तालाब सोख समुद्र की बड़ी घास उग गई है। जहां किनारों पर कूड़ा डाला जा रहा है। जिस पर खर्च किया गया बजट भी हवा हवाई नजर आ रहा है। ऐसे में भूजल स्तर ऊंचा उठाने के दावे भी हवाई नजर आ रहे हैं।
फतेहपुर पुट्ठी के तालाब की नहीं हुई खोदाई
अटल भूजल योजना में चयनित फतेहपुर पुट्ठी गांव के तालाब की खोदाई ही नहीं कराई गई। इस कारण तालाब कूड़े और गंदगी से भर गया है और अब उस पर झाड़ियां उग गई हैं। तालाब की खुदाई नहीं होने के कारण ग्रामीणों को पानी निकासी की समस्या से भी जूझना पड़ रहा है।
वर्जन-अटल भूजल योजना से कराए गए कार्यों की जांच करने के लिए केंद्रीय एजेंसी की टीम आएगी। तालाबों की खुदाई अलग-अलग विभागों ने की है। जिसकी लापरवाही उजागर होगी, जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। नीरज कुमार श्रीवास्तव, सीडीओ।