बागपत। बैंक से रकम लेकर 22 एटीएम में डालने का काम करने वाले मुख्य आरोपियों गौरव व रॉकी को इतने रुपये देखकर लालच आ गया। इसलिए ही तीन दिन तक रोजाना रुपये का गबन करके उसे जमा करते रहे और 5.26 करोड़ रुपये जमा होने पर दोनों ने आधे-आधे बांट लिए। दोनों ने रुपये अपने खेत व घरों में गड्ढे खोदकर दबाने के बाद केवल खर्च के लिए रुपये निकाले और दिल्ली, हरिद्वार व चंडीगढ़ में मौज करते रहे।
मुख्य आरोपी गौरव और रॉकी ने पूछताछ में रुपये गबन करने की पूरी कहानी पुलिस को बता दी। दोनों ने बताया कि रॉकी निवासी हसनपुर जिला शामली पहले से एटीएम में रुपये डालने वाली मेरठ की सीएमएस कंपनी में नौकरी करता था। जबकि गौरव निवासी आरिफपुर खड़खड़ी की नौकरी कुछ समय पहले अस्थाई तौर पर लगी थी और वह 11 फरवरी को स्थायी हुआ था।
इसके बाद दोनों मिलकर एटीएम में रुपये डालने का काम करने लगे। एटीएम में रोजाना करोड़ों रुपये डालते हुए ही उनके मन में लालच आ गया और उन्होंने साजिश रचकर 5.26 करोड़ रुपये का गबन कर दिया। इनकी योजना थी कि रकम को गड्ढों में दबी छोड़कर दूसरे राज्य में पुलिस से सेटिंग करके जेल चले जाएंगे और जेल से आने के बाद उस रकम को निकालेंगे।
काफी हद तक अपनी योजना में वह कामयाब भी हो गए और चंडीगढ़ में एक लाख रुपये में पुलिस से सेटिंग करके तमंचा व कारतूस के साथ जेल भी चले गए। मगर, वह सेटिंग का खेल खुल गया और उच्च अधिकारियों तक मामला पहुंचने पर तुरंत यहां लाकर रिमांड पर लिया गया। nपूरी तैयारी से दबाए थे रुपये, पुलिस से कई जगह कराई खोदाई : मुख्य आरोपी गौरव और रॉकी ने पूछताछ के दौरान पुलिस को चकमा देने का भी प्रयास किया। शुरुआत में दोनों ने गबन की रकम को लेकर कोई जानकारी नहीं दी। इसके बाद गड्ढे में रुपये दबाने का पता चलने पर पुलिस ने रकम की तलाश शुरू कर दी।
आरोपी रॉकी ने खेत में कई जगह खोदाई करवा दी। चार-पांच गड्ढे खोदने के बाद पुलिस को कामयाबी हाथ लगी। उसने खेत में गड्ढा खोदकर बैग में रुपये भरकर रखा था और उसपर ऊपर से पॉलिथीन डाल दी, जिससे रुपये काफी समय तक दबे रहने से खराब नहीं हो।
इस तरह गौरव ने अपने घर में तीन-चार गड्ढे खोदाई कराए। बाद में भूसे के नीचे किए गए गड्ढे में गबन की रकम बरामद हुई। उसने गड्ढे में रुपये बैग में भरकर दबाए थे और उसमें चारों तरफ सीमेंट से दीवार बनाने की बात बताई गई हैं।
तीन दिन में इस तरह किया 5.26 करोड़ का गबन पुलिस के अनुसार आरोपियों को रुपये डालने के लिए 22 एटीएम आवंटित किए गए थे। एक एटीएम में 40 लाख रुपये डालने के लिए गौरव और रॉकी को मिलते थे। दोनों ने एटीएम में 40 के बजाय बीस लाख रुपये डालने शुरू कर दिए और तीन दिन में 5.26 करोड़ रुपये का गबन कर दिया।
एटीएम से जल्दी रुपये खत्म होने की जानकारी मिलने पर कंपनी के अफसरों ने ऑनलाइन रिकार्ड चैक किया तो उनमें से केवल बीस लाख रुपये निकलने का पता चला। इसके बाद जांच में पता चला कि एटीएम में कम रुपये डाले जा रहे थे।